Google Maps : एक साल से मां से दूर बेटे का घर गूगल मैप से एक दिन में ढूंढा

धार। Google Maps गूगल मैप के जरिए एक दिन में एक बेटे को उसकी मां और परिवार से काउसंलर ने मिलवा दिया। करीब एक साल बाद मां बेटे का मिलन होगा। मां के पास बिहार से बेटे के पास आने के पैसे नहीं तो महिला एवं बाल विकास विभाग मदद कर मां व परिवार को धार ला रहा है। 15 साल का किशोर गुजरात में पिता के साथ काम करता था। बिछड़ने के बाद किशोर 15 जुलाई 2019 को भटककर धार आ गया। किसी तरह किशोर चाइल्ड लाइन तक पहुंचा था। ठीक से परिवार और गांव के बारे में जानकारी नहीं देने पर उसे धार जिले के आश्रम में रुकवाया। लगातार काउंसिलिंग कर उससे पता पूछा जा रहा था। लेकिन कभी पटना, तो कभी कुछ और बता रहा था, इससे पता ढूंढना में मुश्किल था।

काउंसलर ज्योति पाल ने फोन पर किशोर की काउंसिलिंग की। उन्होंने फोन पर बालक के पते के बारे में पूछा तो उसने बिहार के किशनगंज के बारे में बताया, लेकिन गांव के नाम को लेकर समस्या आ रही थी। फिर काउंसलर ने घर ढूंढने के लिए अपने ऑफिस में कम्प्यूटर पर गूगल का सहारा लिया। फोन पर बालक से बात करते हुए। गूगल मैप पर उसके बताए गए पते को ट्रेस करने की कोशिश शुरू की। बालक ने अपने गांव के आसपास गांवों व मंदिर और अन्य लैंड मार्क के बारे में बताया। इससे काउंसलर ज्योति पाल धीरे-धीर मैप के जरिए बालक के बताए गांव तक पहुंच गई। फिर पता कंफर्म करने के लिए टीम ने बालक से फिर पता पूछा तो वहीं जानकारी सामने आई जो मैप के जरिए काउंसलर ज्योति पाल ने ढूंढी थी।

बाल संरक्षण की टीम ने उस गांव के पंचायत और परिवार से किसी से तरह से फोन पर संपर्क किया। दस्तावेजों और जानकारी के आधार पर स्वजनों ने बालक के बिहार के किशनगंज क्षेत्र के एक गांव के होने की पुष्टि की। महिला एवं बाल विकास के अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई ने बालक को ढूंढकर परिवार को मिलवाया है। बाल कल्याण समिति सदस्य चेतना राठौड़ ने भी बच्चे से बात की।

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