Saturday, May 16, 2026
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Gig Workers Strike: पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से भड़के गिग वर्कर्स; आज देशभर में 5 घंटे ठप रहेंगी ऐप सेवाएं, ₹20/km न्यूनतम किराए की मांग

Gig Workers Strike: पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से भड़के गिग वर्कर्स; आज देशभर में 5 घंटे ठप रहेंगी ऐप सेवाएं, ₹20/km न्यूनतम किराए की मांग। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी तनाव के कारण कल (15 मई) को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की गई। करीब चार साल बाद राष्ट्रीय स्तर पर हुए इस बड़े इजाफे के खिलाफ अब ‘गिग और प्लेटफॉर्म सेवा श्रमिक संघ’ (GIPSWU) ने मोर्चा खोल दिया है। यूनियन ने आज (शनिवार) को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन और चक्का जाम का एलान किया है।

Gig Workers Strike: पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से भड़के गिग वर्कर्स; आज देशभर में 5 घंटे ठप रहेंगी ऐप सेवाएं, ₹20/km न्यूनतम किराए की मांग

आज दोपहर 12 से 5 बजे तक ‘डिजिटल हड़ताल’

यूनियन ने देशभर के सभी ऐप आधारित कामगारों से अपील की है कि वे आज दोपहर 12:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक अपनी ऐप सेवाओं को पूरी तरह बंद रखें। इस 5 घंटे की हड़ताल के कारण आज वीकेंड पर फूड डिलीवरी, कैब बुकिंग, ग्रोसरी और लॉजिस्टिक्स सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं।

देश के 1.2 करोड़ कामगार प्रभावित

जीआईपीएसडब्ल्यूयू (GIPSWU) के मुताबिक, ईंधन की कीमतों में लगी इस आग से देश के करीब 1.2 करोड़ गिग वर्कर्स सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। भयंकर गर्मी के इस मौसम में दोपहिया और चौपहिया वाहन चलाकर पेट पालने वाले डिलीवरी बॉय और ड्राइवरों पर इस महंगाई की सबसे बड़ी मार पड़ी है।

यूनियन की प्रमुख मांगें:

  • ₹20 प्रति किलोमीटर का फिक्स रेट: यूनियन की सबसे बड़ी मांग है कि स्विगी (Swiggy), जोमैटो (Zomato), ब्लिंकिट (Blinkit), ओला और उबर जैसी कंपनियां अपने डिलीवरी पार्टनर्स और ड्राइवर्स को न्यूनतम 20 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान करें।

  • महंगाई से राहत: एलपीजी और अब पेट्रोल-डीजल के दाम एक साथ बढ़ने से कामगारों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है, सरकार से इसमें तुरंत दखल देने की मांग की गई है।

“कंपनियां दरें बढ़ाएं, वरना काम छोड़ देंगे वर्कर्स”

संगठन की अध्यक्ष सीमा सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा, “अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का बोझ सीधा गरीब कामगारों पर डाला जा रहा है। अगर डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनियों और सरकार ने मिलकर हमारी भुगतान व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया, तो देश में बड़ी संख्या में गिग वर्कर्स इस सेक्टर को छोड़ने के लिए मजबूर हो जाएंगे।”

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि