Saturday, May 16, 2026
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Fuel Price Hike: मिडिल ईस्ट की जंग से भारत में ‘महंगाई बम’ फटा; पेट्रोल-डीजल ₹3 महंगा, ₹100 के पार पहुंचा क्रूड ऑयल, अब दूध-राशन और भाड़ा बढ़ने का डर

Fuel Price Hike: मिडिल ईस्ट की जंग से भारत में ‘महंगाई बम’ फटा; पेट्रोल-डीजल ₹3 महंगा, ₹100 के पार पहुंचा क्रूड ऑयल, अब दूध-राशन और भाड़ा बढ़ने का डर।  भारत में पिछले काफी समय से शांत पड़ी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में शुक्रवार को अचानक भूचाल आ गया। तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में सीधे 3-3 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी कर दी है। इस झटके के बाद देश के चारों महानगरों में तेल की कीमतें आसमान छूने लगी हैं।

Fuel Price Hike: मिडिल ईस्ट की जंग से भारत में ‘महंगाई बम’ फटा; पेट्रोल-डीजल ₹3 महंगा, ₹100 के पार पहुंचा क्रूड ऑयल, अब दूध-राशन और भाड़ा बढ़ने का डर

चारों महानगरों में तेल के नए दाम (प्रति लीटर):

  • दिल्ली: पेट्रोल ₹97.77

  • मुंबई: पेट्रोल ₹106.68

  • कोलकाता: पेट्रोल ₹108.74

  • चेन्नई: पेट्रोल ₹103.67

सिर्फ तेल नहीं… पिछले 15 दिनों में क्या-क्या हुआ महंगा?

ईंधन महंगा होने से पहले ही देश में कई आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ चुके हैं, जिसने मध्यमवर्ग की कमर तोड़ दी है:

  • CNG: दिल्ली और मुंबई में ₹2 प्रति किलो की बढ़ोतरी।

  • कमर्शियल सिलेंडर: ₹994 की भारी-भरकम वृद्धि।

  • घरेलू छोटा सिलेंडर (5kg): ₹261 महंगा हुआ।

  • दूध की कीमतें: अमूल और मदर डेयरी ने दूध के दाम ₹2 प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं।

क्यों लगी तेल में आग? समझिए ‘होर्मुज’ का खेल

इस महंगाई के पीछे कोई घरेलू कारण नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय युद्ध है:

  1. 90% आयात पर निर्भरता: भारत अपनी जरूरत का 90% कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है।

  2. होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) संकट: भारत का 50% कच्चा तेल इसी समुद्री रास्ते से आता है, जहां अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण तेल टैंकरों की आवाजाही ठप हो गई है।

  3. $100 के पार क्रूड: युद्ध से पहले जो कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल था, वह अब 100 डॉलर प्रति बैरल को पार कर चुका है। इसी घाटे की भरपाई के लिए कंपनियों ने दाम बढ़ाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि स्थिति नहीं सुधरी तो कीमतें और बढ़ेंगी।

चौतरफा मार: खेती से लेकर बच्चों की स्कूल वैन तक असर

  • महंगी सब्जियां और राशन: डीजल महंगा होने से ट्रकों का मालभाड़ा बढ़ेगा, जिससे दूसरे राज्यों से आने वाले फल, सब्जियां और राशन महंगे हो जाएंगे।

  • किसानों पर बोझ: ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को ज्यादा डीजल खरीदना होगा, जिससे खेती की लागत बढ़ेगी।

  • किराया बढ़ेगा: बस, ऑटो और स्कूल वैन के किराए में जल्द ही बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

पॉलिटिकल घमासान: राहुल गांधी और अखिलेश का सरकार पर हमला

अंतरराष्ट्रीय संकट के बावजूद देश में इस मुद्दे पर सियासत गर्मा गई है:

  • राहुल गांधी (नेता विपक्ष): उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “गलती मोदी सरकार की, कीमत जनता चुकाएगी। 3 का झटका आ चुका, बाकी वसूली किस्तों में की जाएगी।”

  • अखिलेश यादव (सपा अध्यक्ष): उन्होंने महंगाई पर एक तीखा कार्टून पोस्ट करते हुए तंज कसा- “आगे बढ़ना है तो साइकिल ही विकल्प है।”

सरकार और बीजेपी का तर्क: बीजेपी का कहना है कि युद्ध के कारण पड़ोसी देशों (पाकिस्तान, श्रीलंका) में कीमतें 15-20% तक बढ़ गईं, लेकिन भारत में नियंत्रण रखा गया। सरकार ने जनता को राहत देने के लिए पहले ही पेट्रोल पर स्पेशल एक्साइज ड्यूटी ₹13 से घटाकर ₹3 और डीजल पर शून्य कर दी थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण आखिरकार दाम बढ़ाने पड़े।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि