
Genome Sequencing Test For Corona: हर सैंपल की होगी जीनोम सिक्वेसिंग टेस्ट, कोरोना को लेकर अलर्ट जारी किया है। केरल में कोविड के नए वैरिएंट को लेकर प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों एवं जिला अस्पताल में तैयारी पूरी है। कोविड के मरीज मिलने पर संबंधित सैंपल की जीनोम सिक्वेसिंग कराई जाएगी। प्रदेश के सभी अस्पतालों को पखवारेभर पहले ही इंफ्लुएंजा से संबंधित केस की स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए गए थे। इसमें सर्दी जुखाम, बुखार के साथ निमोनिया के मरीजों की संख्या पांच से अधिक होने पर तत्काल संबंधित क्षेत्र में मुख्यालय से टीम भेजने की तैयारी की गई है। इसकी नियमित निगरानी की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई केस नहीं मिला है। 13 से 17 के बीच मॉक ड्रिल भी की जा चुकी है।
अब केरल में नए वैरिएंट के मरीज मिलने के बाद सभी अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि कोविड के मद्देनजर हर तैयारी दुरुस्त रखी जाए। पॉजीटिव पाए जाने वाले मरीजों के सैंपल की जीनोम सिक्वेसिंग कराई जाए। स्वास्थ्य महानिदेशक डा. दीपा त्यागी ने बताया कि सभी अस्पतालों में पहले से ही अलर्ट जारी है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में कोई भी कोविड का केस नहीं मिल रहा है। आक्सीजन से लेकर मरीजों को भर्ती करने तक की पर्याप्त व्यवस्था पहले से ही मौजूद है। इसकी नियमित निगरानी भी की जा रही है।
क्या है जीनोम सिक्वेसिंग
क्या है जीनोम सिक्वेसिंगजीनोम सिक्वेंसिंग एक तरह से किसी वायरस का बायोडाटा होता है। कोई वायरस कैसा है, किस तरह दिखता है, इसकी जानकारी जीनोम से मिलती है। इसी वायरस के विशाल समूह को जीनोम कहा जाता है। वायरस के बारे में जानने की विधि को जीनोम सीक्वेंसिंग कहते हैं। इससे ही कोरोना के नए स्ट्रेन के बारे में पता चला है। स्ट्रेन को वैज्ञानिक भाषा में जेनेटिक वैरिएंट कहते हैं। सरल भाषा में इसे अलग-अलग वैरिएंट भी कह सकते हैं।







