जेल में हुई दोस्ती, बाहर आकर बनाया ‘हनीट्रैप गैंग’: श्वेता जैन और अलका दीक्षित ने नेताओं-कारोबारियों को ऐसे बुना जाल; 6 दिन की रिमांड
जेल में हुई दोस्ती, बाहर आकर बनाया ‘हनीट्रैप गैंग’: श्वेता जैन और अलका दीक्षित ने नेताओं-कारोबारियों को ऐसे बुना जाल; 6 दिन की रिमांड।ब मध्य प्रदेश के सबसे चर्चित ब्लैकमेलिंग और हनीट्रैप कांड में इंदौर पुलिस की पूछताछ के बाद आज एक और सनसनीखेज हकीकत सामने आई है। शराब कारोबारी चिंटू ठाकुर से 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार हुई भोपाल की श्वेता विजय जैन और उसकी साथी अलका दीक्षित को कोर्ट ने 6 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि इस नए गैंग की नींव कहीं और नहीं, बल्कि जिला जेल की सलाखों के पीछे पड़ी थी।
जेल में हुई दोस्ती, बाहर आकर बनाया ‘हनीट्रैप गैंग’: श्वेता जैन और अलका दीक्षित ने नेताओं-कारोबारियों को ऐसे बुना जाल; 6 दिन की रिमांड
फंसाओ और वसूली करो” का पूरा सिंडिकेट
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जेल की मुलाकात: श्वेता जैन ने कुबूल किया है कि 2019 के कुख्यात हनीट्रैप मामले में जब वह जेल में थी, तब उसकी मुलाकात अलका दीक्षित से हुई थी। अलका उस समय शराब तस्करी के मामले में अंदर बंद थी। जेल में दोनों की गहरी दोस्ती हुई और जमानत पर बाहर आने के बाद भी दोनों संपर्क में रहीं।
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एक पुलिसकर्मी और मीडियाकर्मी भी रडार पर: डीसीपी (क्राइम) राजेश त्रिपाठी के मुताबिक, श्वेता के शातिर दिमाग और अलका के नेटवर्क ने मिलकर रसूखदार नेताओं और बड़े कारोबारियों को टारगेट करना शुरू किया। इस नए सिंडिकेट में इंदौर के एक पुलिसकर्मी और एक स्थानीय मीडियाकर्मी के नाम भी सामने आए हैं, जो वीडियो लीक करने की धमकी देकर वसूली की रकम सेटल करवाते थे।
पुलिस का बयान: बदनामी और समाज के डर से कई बड़े नेता और व्यापारी अभी खुलकर शिकायत दर्ज कराने सामने नहीं आ रहे हैं। पुलिस अब इन सभी आरोपियों के मोबाइल डेटा, डिलीट की गई चैट्स और गुप्त ठिकानों से वीडियो क्लिप्स रिकवर करने की कोशिश कर रही है।

