इंदौर में विभागीय लापरवाही का शिकार बने फ्लाईओवर और ROB: 13 प्रोजेक्ट्स अटके, जनता 3 साल से झेल रही जाम; देखें मुख्य बाधाएं
इंदौर में विभागीय लापरवाही का शिकार बने फ्लाईओवर और ROB: 13 प्रोजेक्ट्स अटके, जनता 3 साल से झेल रही जाम; देखें मुख्य बाधाएं
इंदौर में विभागीय लापरवाही का शिकार बने फ्लाईओवर और ROB: 13 प्रोजेक्ट्स अटके, जनता 3 साल से झेल रही जाम; देखें मुख्य बाधाएं
इंदौर। इंदौर शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए बनाए जा रहे रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) और फ्लाईओवर खुद सरकारी विभागों के आपसी असमन्वय और लापरवाही के शिकार हो गए हैं। इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA), लोक निर्माण विभाग (PWD) और मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) द्वारा कुल 7 आरओबी और 6 फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन लगभग सभी प्रोजेक्ट्स समय सीमा बीत जाने के बाद भी अधूरे पड़े हैं।
प्रोजेक्ट्स के अटकने के 4 मुख्य कारण
संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार द्वारा एजेंसियों की समीक्षा बैठक लेने के बावजूद धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है:
पेयजल व सीवरेज लाइन शिफ्टिंग: नगर निगम की लाइनों को न हटाए जाने से राजेंद्र नगर, बाणगंगा, माल गोदाम, बड़ा गणपति और चंदन नगर फ्लाईओवर का निर्माण अटका है।
रेलवे और PWD में तालमेल की कमी: मांगलिया आरओबी में रेलवे और पीडब्ल्यूडी के बीच समन्वय न होने से काम प्रभावित है।
ट्रैफिक डायवर्शन व अतिक्रमण: देवास नाका फ्लाईओवर के लिए प्रशासनिक डायवर्शन की मंजूरी लंबित है, वहीं केसरबाग आरओबी अतिक्रमण की भेंट चढ़ा है।
विभागीय भ्रम (6 लेन बनाम 3 लेन): कैलाद हाला क्रॉसिंग पर जरूरत 6 लेन की थी, लेकिन PWD और IDA की अलग-अलग प्लानिंग के कारण प्रोजेक्ट 3 लेन के फेर में उलझ कर रह गया।
प्रमुख प्रोजेक्ट्स और वर्तमान बाधाएं
प्रोजेक्ट का नाम
निर्माण एजेंसी
अटकने का मुख्य कारण
राजेंद्र नगर, बाणगंगा व माल गोदाम ROB
PWD / IDA
नगर निगम की पेयजल व सीवरेज लाइनों की शिफ्टिंग न होना।
बड़ा गणपति व चंदन नगर फ्लाईओवर
IDA / नगर निगम
बिजली-पानी की लाइनों की शिफ्टिंग में देरी; आधी समय सीमा खत्म।
मांगलिया ROB
PWD / रेलवे
रेलवे वाले हिस्से में निर्माण की धीमी गति और समन्वय का अभाव।
केसरबाग ROB
IDA
अतिक्रमण हटाने में हो रही प्रशासनिक देरी।
देवास नाका व मूसाखेड़ी
MPRDC / IDA
ट्रैफिक डायवर्शन की अनुमति न मिलना और सर्विस रोड की बाधाएं।
LIG से नौलखा एलिवेटेड कॉरिडोर
PWD
3 साल से कागजों में; पतरे लगाने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ।