राम के अग्निबाण से होगा अहंकारी रावण का दहन,कैमोर में ऐतिहासिक दशहरा महोत्सव का मुख्य समारोह 2 अक्टूबर को,आतिशबाजी और पुतला दहन का नज़ारा देखने उमड़ेगा जनसैला
कैमोर। उद्योग नगरी कैमोर के रामलीला मैदान में लगभग 90 फुट ऊंचे विशालकाय रावण के पुतले का निर्माण पूरा हो चुका है। बीते शनिवार को तेज आंधी और बारिश के कारण रावण के पुतले का ऊपरी भाग काफी क्षतिग्रस्त हो गया था जिसका सुधार कर लिया गया है। अब अन्याय और अहंकार का प्रतीक यह पुतला दहन के लिए पूरी तरह तैयार है। आगामी 2 अक्टूबर गुरुवार को रावण के पुतले से लगभग 500 मीटर दूर स्थित रामलीला मंच से युद्ध की लीला मंचन के साथ भगवान राम एक अग्निबाण छोड़ेंगे जो आकाश मार्ग से होता हुआ 500 मीटर की दूरी तय कर रावण की नाभि में प्रवेश करेगा और अग्निबाण लगते ही रावण का विशालकाय यह पुतला धू – धू कर जल उठेगा।
अग्निबाण से पुतले के दहन का यह नजारा बेहद रोमांचकारी होता है। रामलीला मैदान में उपस्थित हजारों दर्शकों के सरों के कई मीटर ऊपर से चमकता हुआ तीर गुजरता है। दर्शक इस नज़ारे को अपने मोबाइल कैमरे में कैद करते हैं। एक साथ हज़ारों मोबाइल कैमरे के फ्लैश देखना भी किसी रोचक नज़ारे से कम नही होता। अग्निबाण से पुतले के दहन की यह प्रक्रिया पूरी तरह तकनीकी होती है जिसे एसीसी के कुशल इंजीनियर्स की देखरेख में दक्ष तकनीशियन पूरी करते हैं। पुतला दहन से पहले लगभग एक घन्टे आकर्षक आतिशबाजी का शानदार प्रदर्शन होता है। कभी जमीन पर रंगीन रोशनियों के साथ तरह तरह की मनमोहक आकृतियां तो कही दूर आसमान में रंगीन रौशनी की मुग्धकारी छटा दर्शकों को रोमांचित कर देती है। लगभग दो घन्टे हजारों दर्शक इन रोमांचक नज़ारों का आनंद लेते हैं। इस बार भी ये सब रोचक नज़ारे 2 अक्टूबर की शाम यहां देखने को मिलेंगे।
विधायक संजय पाठक की हर साल रहती है मौजूदगी
मप्र शासन के पूर्व मंत्री एवं विजयराघवगढ़ क्षेत्र के विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक अपने बचपन से ही कैमोर के दशहरे के फैन रहे। एक नन्हें दर्शक के रूप में भी उन्होंने यहाँ के दशहरे का आनंद लिया है अभी भी वे सपरिवार दशहरे पर कैमोर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं। दशहरा के बाद होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में योगदान की उनकी मंशा रहती है। उन्होंने हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव की प्रस्तुति यहां कराई थी। इस बार शनिवार को देवी जागरण का कार्यक्रम विधायक श्री पाठक की ओर से होना था पर प्रतिकूल मौसम के कारण जागरण कार्यक्रम टल गया है।
रामलीला मैदान के बाहर प्रदर्शनी ग्राउंड की बोली इस बार 12 लाख में हुई थी। ऊंची बोली के कारण यहां लगे झूलों की दर 50 – 60 रुपये तक हो जाती थी। इस बार अडानी एसीसी सीमेंट के अधिकारियों से चर्चा करके विधायक संजय पाठक ने प्रदर्शनी ग्राउंड की नीलामी राशि कम करा दी जिससे बड़े झूलों की दर 30 रुपये हो गई। दशहरा मेले में लोग सपरिवार झूलों का आनंद उठा रहे।
रामलीला मैदान में रहेंगे सुरक्षा के तगड़े इंतज़ाम
कैमोर के रामलीला मैदान में इन दिनों दशहरा महोत्सव की धूम अपने चरम पर है। एक ओर रामलीला मैदान के भीतर से लेकर बाहर प्रदर्शनी ग्राउंड और उससे भी आगे तक तरह तरह के व्यंजनों के स्टाल लगे है। डेढ़ दर्जन से भी अधिक छोटे बड़े झूले है। घरेलू उपयोग से लेकर सौंदर्य प्रसाधन और कपड़े,बर्तन ,क्रॉकरी तक की आधा सैकड़ा दुकानें बाहर से आये व्यापारियों की हैं। वहीं दूसरी ओर भव्य मंडप में शक्ति स्वरूपा मां भगवती की प्रतिमा आकर्षक झांकियों के साथ स्थापित है। मातारानी के दर्शन और रामलीला मंचन सहित मेले का आनंद लेने हर रात यहां 20 से 30 हजार तक की भीड़ उमड़ रही। यह भीड़ दशहरे की शाम एक लाख तक पहुंच जाएगी। इतनी भीड़ को व्यवस्थित रखने सहित कानून व्यवस्था बनाये रखने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कलेक्टर आशीष तिवारी एवं एस पी अभिनव विश्वकर्मा पूरी व्यवस्थाओं पर नज़र रख रहे।
