
Solar and Lunar eclipses : अगले एक महीने के दौरान यानी 30 दिन की अवधि में 3 ग्रहण लगने जा रहे हैं। इनमें एक सूर्य ग्रहण है और दो चंद्र ग्रहण। अपने आप में दुर्लभ घटना है। खगोलीय घटना की इस शृंखला के गहरे अर्थ हैं। ज्योतिष की मानें तो ऐसा होना पूरी सृष्टि के लिए बड़े बदलाव का संकेत है। ये बदलाव अच्छे भी हो सकते हैं और बुरे भी। तीन ग्रहणों से शुभ भी हो सकता है, अशुभ व अनिष्ट भी। आइये समझते हैं कि इन ग्रहणों से देश व दुनिया सहित 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
कब कौन सा ग्रहण
पहला ग्रहण 5 जून को होगा। यह चंद्र ग्रहण रहेगा। इस वर्ष का यह दूसरा चंद्र ग्रहण है। इसके पहले 10 जनवरी को चंद्र ग्रहण लग चुका है। इसके बाद 21 जून को सूर्य ग्रहण लगेगा जो कि कंकणाकृति का होगा। यह भारत में नजऱ नहीं आएगा। तीसरा ग्रहण भी चंद्र ग्रहण है जो 5 जुलाई को लगेगा। एक माह में तीन ग्रहण केवल एक ग्रहण भारत में दिखाई देगा। एक माह में तीन ग्रहण का होना देश के लिए हितकारी नहीं है। 5 जून से 5 जुलाई 2020 के बीच मे तीन ग्रहण हैं।
एकय महीने में तीन ग्रहण
1. चंद्रग्रहण – 5 जून , 2020
आरम्भ – रात्रि 11:15
अंत – रात्रि 2:34 ( 6 जून )
कुल अवधि – 3 घण्टे 19 मिनट
2. सूर्यग्रहण – 21 जून 2020
आरम्भ – सुबह 9:15
अंत – शाम 15:03
कुल अवधि – 5 घण्टा 48 मिनट
3. चंद्रग्रहण – 5 जुलाई 2020
आरम्भ – सुबह 8:37 मिनट
अंत – दिन 11:22 मिनट
कुल अवधि – 2 घण्टे 45 मिनट
( भारत में दृश्य नहीं है, इसलिए सूतक मान्य नहीं होगा, लेकिन साधना के लिए मान्य होगा )
तीन से ज्यादा ग्रहण आ जाएं तो एक चिंता का विषय बनता है
5 जून 2020 चंद्रग्रहण
प्रारंभ रात 11:15 मिनिट समाप्ति 6 जून सुबह 2:34 चंद्र ग्रहण जिसमे शुक्र वक्री और अस्त रहेगा गुरु शनि वक्री रहेंगे तो तीन ग्रह वक्री रहेंगे, जिसके कारण जिसके प्रभाव भारत की अर्थव्यवस्था पर होगा। शेयर बाजार से जुड़े हुए लोग सावधान रहें। यह ग्रहण वृश्चिक राशि पर बुरा प्रभाव डालेगा। किसी ख्याति प्राप्त व्यक्ति की रहस्यात्मक मौत हो सकती है। परिवार वालोंं के साथ वाद विवाद का सामना करना पड़ेगा। वृश्चिक राशिवाले सावधान रहें।
अंत – दिन 11:22 मिनट
कुल अवधि – 2 घण्टे 45 मिनट
( भारत में दृश्य नहीं है, इसलिए सूतक मान्य नहीं होगा, लेकिन साधना के लिए मान्य होगा )
तीन से ज्यादा ग्रहण आ जाएं तो एक चिंता का विषय बनता है
5 जून 2020 चंद्रग्रहण
प्रारंभ रात 11:15 मिनिट समाप्ति 6 जून सुबह 2:34 चंद्र ग्रहण जिसमे शुक्र वक्री और अस्त रहेगा गुरु शनि वक्री रहेंगे तो तीन ग्रह वक्री रहेंगे, जिसके कारण जिसके प्रभाव भारत की अर्थव्यवस्था पर होगा। शेयर बाजार से जुड़े हुए लोग सावधान रहें। यह ग्रहण वृश्चिक राशि पर बुरा प्रभाव डालेगा। किसी ख्याति प्राप्त व्यक्ति की रहस्यात्मक मौत हो सकती है। परिवार वालोंं के साथ वाद विवाद का सामना करना पड़ेगा। वृश्चिक राशिवाले सावधान रहें।
यह होगा विश्व पर असर
प्राकृतिक आपदाएं आएंगी। विश्व में कहीं पर युद्ध होगा वैश्विक शक्तियां लड़ने को हावी होगी। किसी ख्याति प्राप्त यशस्वी कीर्तिमान राजनीति नेता की हत्या होगी कुछ जगह पर आपसी लड़ाईया होगी। जल प्रलय का खतरा हम सभी पर मंडरा रहा है।
राशियों पर यह होगा असर
मेष वश्चिक धनु कुंभ – अशुभ
मकर मीन तुला मिथुन – शुभ








