मध्यप्रदेश

E Bus In Indore: स्वच्छता में ए ग्रेड के बाद अब इलेक्ट्रॉनिक बस का हब बनने की राह में इंदौर, 15 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन भी बनेंगे यहां

E Bus In Indore: स्वच्छता में ए ग्रेड के बाद अब इलेक्ट्रॉनिक बस का हब बनने की राह में इंदौर, 15 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन भी बनेंगे यहां।
स्वच्छता का छक्का लगा चुका इंदौर अब ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भी नंबर वन बनने की तैयारी में जुट गया है।
पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर इंदौरियों ने कमर कस ली है। प्रदूषण कम करने की दिशा में काम करते हुए शहरवासियों का इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ रूझान बढ़ रहा है।
कुछ समय पहले की बात थी कि सड़क पर इक्का-दुक्का इलेक्ट्रिक वाहन नजर आते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब इनकी संख्या तेजी से बढ़ रही है।
इंदौर नगर निगम भी पर्यावरण सुरक्षा में अपनी हिस्सेदारी कर रहा है। देवगुराड़िया पर कचरे से तैयार हो रही सीएनजी फिलहाल सिटी बसों में भरी जा रही है लेकिन बहुत जल्द इसे आमजन के लिए भी उपलब्ध करवा दिया जाएगा।
विजय नगर क्षेत्र में सीएनजी स्टेशन का काम चल रहा है। शहर की सड़कों पर वर्तमान में 40 इलेक्ट्रिक बसें दौड़ रही हैं। बहुत जल्दी इनकी संख्या भी तीन गुना हो जाएगी। शासन ने 80 इलेक्ट्रिक बसों को खरीदने की स्वीकृति दे दी है।
मिलेंगे 15 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन
वर्तमान में शहर में अलग-अलग क्षेत्रों में लगभग एक दर्जन इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन संचालित हो रहे हैं। नगर निगम की योजना शहर में 400 चार्जिंग स्टेशन बनाने की है।
निगम के अपर आयुक्त मनोज पाठक के अनुसार शहर में 47 चार्जिंग स्टेशनों का काम चल रहा है। इनमें से 15 चार्जिंग स्टेशन तो बहुत जल्द आमजन के लिए उपलब्ध करा दिए जाएंगे। निर्माणाधीन चार्जिंग स्टेशन सौर ऊर्जा पर आधारित होंगे। यानी ये स्टेशन सौर ऊर्जा से संचालित होंगे। इन स्टेशनों के शुरू होने के बाद आमजन को इलेक्ट्रिक चार्जिंग की समस्या से राहत मिलेगी। आमजन इन स्टेशनों से न्यूनतन शुल्क चुकाकर अपने दोपहिया और चार पहिया वाहन चार्ज करवा सकेंगे।
एक वर्ष में पांच हजार से ज्यादा दोपहिया वाहन बढ़े
पर्यावरण संरक्षण को लेकर इंदौरियों की जागरूकता का ही परिणाम है कि एक वर्ष में साढ़े पांच हजार से ज्यादा दोपहिया वाहन यहां की सड़कों पर उतरे चुके हैं। इसके अलावा 261 चार पहिया वाहन (कार) भी यहां के परिवहन विभाग में रजिस्टर्ड हुई हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों से प्रदूषण तो कम हो ही रहा है वाहन मालिकों के पैसों की बचत भी हो रही है।
पेट्रोल पंप की तर्ज होंगे चार्जिंग स्टेशन
शहर में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन पेट्रोल पंप की तर्ज पर काम करेंगे। वर्तमान में सीमित संख्या में चार्जिंग स्टेशन होने की वजह से व्यक्ति इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने से बचता है। पेट्रोल पंप की तरह जगह-जगह इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन होंगे तो व्यक्ति कहीं से भी अपने वाहन चार्ज कर सकेगा।

 

30 इलेक्ट्रिक बसें बीआरटीएस पर दौड़ेंगी
शहर को मिलने वाली 80 इलेक्ट्रिक बसों में से 30 बसें बीआरटीएस पर दौड़ेंगी जबकि बाकी 50 बसें शहर में अलग-अलग रूट पर चलाई जाएंगी।
फास्ट चार्जर की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी
ई-चार्जिंग स्टेशनों पर वाहन चार्ज करने के लिए वाहन चालक को यूनिट और समयावधि के मान से शुल्क देना होगा। इन चार्जिंग स्टेशनों पर फास्ट चार्जर की सुविधा रहेगी। यानी वाहन कम समय में ही तेजी से चार्ज हो सकेगा। इसका फायदा यह होगा कि जिस तरह से व्यक्ति कुछ ही मिनट में पेट्रोल पंप से वाहन में पेट्रोल भरवा लेता है उसी तरह कुछ ही मिनट में वह वाहन भी चार्ज कर सकेगा।
ज्यादा से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन बनाने की योजना

 

पर्यावरण संरक्षण के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना हमारी प्राथमिकता में शामिल है। इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तभी बढ़ेगी जब शहर में जगह-जगह चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध होंगे। हम शहर में चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ा रहे हैं। कुछ चार्जिंग स्टेशन का काम तो लगभग पूरा हो गया है। इन चार्जिंग स्टेशन से आमजन कुछ ही मिनट में अपने वाहन चार्ज कर सकेंगे।

 

 

– पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर

 

 

 

 

इंदौर इस वक्त कहां…

 

 

9 चार्जिंग स्टेशन हैं फिलहाल

 

 

47 चार्जिंग स्टेशन का काम चल रहा है

 

 

15 चार्जिंग स्टेशन जल्द आमजन के लिए उपलब्ध हो जाएंगे

 

 

40 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं वर्तमान में

 

 

80 इलेक्ट्रिक बसें जल्द शहर को मिलेंगी

 

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