जीवनमुक्त सतगुरु की शरण में सतध्यान, सतमोक्ष, सतआनन्द प्राप्ति का दिव्य पर्व– हरे माधव सतगुरु पर्व
जीवनमुक्त सतगुरु की शरण में सतध्यान, सतमोक्ष, सतआनन्द प्राप्ति का दिव्य पर्व– हरे माधव सतगुरु पर्व
कटनी- माधवनगर में 14 एवं 15 जनवरी को पुनीत हरेमाधव सतगुरु पर्व श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ मनाया जाएगा। यह पर्व जीवनमुक्त पूरण सतगुरु की उस कृपा का प्रतीक है, जिसके माध्यम से जीवात्मा निर्मलता, सहजता और आन्तरिक शान्ति का अनुभव करती है।
जीवनमुक्त सतगुरु बाबा ईश्वरशाह साहिब जी की असीम दया मेहर से हरेमाधव सतगुरु पर्व का भव्य शुभारंभ 14 जनवरी को सायंकाल हरेमाधव सत्संग से सतगुरु पर्व के मुख्य कार्यक्रम का शुभारम्भ होगा। कार्यक्रम की शुरुआत हरेमाधव वाणी अरदास – “मेरे सतगुरां हम शरण तेरी आए” से की जाएगी। इस अवसर पर हाजिरां हुजूर सतगुरु बाबा ईश्वरशाह साहिब जी का आगमन हरेमाधव जयघोष एवं संगतों के श्रद्धापूर्ण स्वागत के साथ होगा। सत्संग के दौरान श्री चरण वंदना, भक्ति प्रस्तुतियाँ एवं हरेमाधव सद्ग्रंथ वाणियों-वचनों, भजनों के माध्यम से संगतें सतगुरु भगति में लीन होंगी।
15 जनवरी को पुनः प्रातः हरेमाधव सत्संग का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सतगुरु बाबाजी का आगमन भव्य शोभायात्रा के साथ होगा। इस दिन सभी श्रद्धालुओं को विराट सतगुरु लीलाओं का श्रीदर्शन LED के माध्यम से होगा व साथ ही साथ सतगुरु बाबाजी के मुखारबिंद से श्रीअमृत वचनों का भी लाभ संगतें प्राप्त करेंगी।
सतगुरु पर्व के अंतर्गत 13 जनवरी को हरे माधव सोझी मेले का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें यथार्थ सतगुरु भगति पथ व जीवनमुक्त सतगुरु शरण क्यों ज़रूरी है, यह झाकियों के माध्यम से, सतगुरु लीलाओं के द्वारा संगतों को बड़े ही रोचक एवं प्रभावशाली रूप से समझाया जाता है। इसके साथ ही बाबा माधवशाह चिकित्सालय में 15 जनवरी को निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिससे सभी जनमानस को स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होगा। वहीं 12 जनवरी को हरेमाधव गेम ज़ोन का भी शुभारंभ होगा जिसमें बाल गोपालों को क्रीड़ा/गेम्स के माध्यम से परमार्थी संदेशों से जुड़ने एवं सतगुरु भगति, परमार्थ की प्रेरणा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
सभी के लिए यह अत्यन्त लाभकारी अवसर है, सभी आकर सतगुरु दया मेहर के पात्र बनें व अपना जीवन सफल करें जी।
हरेमाधव सतगुरु पर्व के भव्य आयोजन पर आप सभी सहपरिवार सादर आमंत्रित हैं। जीवनमुक्त सतगुरु बाबा ईश्वरशाह साहिब जी की मंगलकारी, पुण्यकारी शरण ओट में आकर आतम पुण्य कमाएं l