बंगाल में ‘दीदी’ की विदाई, ‘झालमुड़ी’ वाली सियासत से भाजपा का राज्याभिषेक-190+ सीटों के साथ पहली बार खिलेगा कमल
बंगाल में ‘दीदी’ की विदाई, ‘झालमुड़ी’ वाली सियासत से भाजपा का राज्याभिषेक-190+ सीटों के साथ पहली बार खिलेगा कमलपश्चिम बंगाल की राजनीति में आज वह दिन आ गया है जिसकी कल्पना कुछ साल पहले तक नामुमकिन लगती थी। 15 साल पुराने ममता बनर्जी के ‘अजेय’ किले को ढहाते हुए भारतीय जनता पार्टी ने बंगाल में प्रचंड बहुमत हासिल कर लिया है। राज्य की 294 सीटों में से भाजपा 190 से अधिक सीटों पर निर्णायक बढ़त बनाए हुए है, जिससे यह साफ हो गया है कि सोनार बांग्ला में पहली बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है।
तस्वीरों में ‘बदलाव’ की बयार: झालमुड़ी और जश्न
बंगाल की जीत का जश्न सिर्फ कोलकाता की सड़कों पर ही नहीं, बल्कि देश की राजधानी दिल्ली में भी अनोखे अंदाज में मनाया जा रहा है।
- मिमिक्री और व्यंग्य: दिल्ली में मशहूर हास्य कलाकार रतन रंजन ने ममता बनर्जी की नकल उतारकर सबको लोटपोट कर दिया। उन्होंने मीडिया के सामने मुख्यमंत्री के अंदाज में ‘झालमुड़ी’ खाते हुए कटाक्ष किया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
- महिला कार्यकर्ताओं का जोश: भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को ‘झालमुड़ी’ खिलाकर और अबीर-गुलाल उड़ाकर इस ऐतिहासिक पल का स्वागत किया।
TMC में पसरा सन्नाटा: क्यों हारीं दीदी?
ममता बनर्जी के खेमे में आज गहरा सन्नाटा है। जानकारों के मुताबिक, इस हार के पीछे तीन सबसे बड़े कारण रहे:
- 15 साल की एंटी-इंकंबेंसी: लंबे शासन के बाद जनता अब नए विकल्प की तलाश में थी।
- कानून-व्यवस्था और संदेशखाली: संदेशखाली की घटना और आरजी कर अस्पताल मामले ने महिलाओं और शहरी मध्यम वर्ग को टीएमसी से पूरी तरह छिटक दिया।
- भ्रष्टाचार के आरोप: सरकारी योजनाओं में धांधली और भ्रष्टाचार के मुद्दों को भाजपा ने प्रभावी ढंग से उठाया।
Yashbharat.com का विश्लेषण: नए बंगाल का उदय
भाजपा की यह जीत भारतीय राजनीति के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक है। 190 से ज्यादा सीटों का रुझान यह बताता है कि बंगाल की जनता ने ध्रुवीकरण और पहचान की राजनीति से ऊपर उठकर ‘परिवर्तन’ को चुना है।
बंगाल इलेक्शन 2026: मुख्य आंकड़े
- भाजपा: 192 (रुझान/जीत)
- TMC: 85 (रुझान/जीत)
- वामपंथी+कांग्रेस: 17
बंगाल में ‘दीदी’ की विदाई, ‘झालमुड़ी’ वाली सियासत से भाजपा का राज्याभिषेक-190+ सीटों के साथ पहली बार खिलेगा कमल

