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22 अगस्त 2024 को सिंधी ट्रीजड़ी व्रत: पर्व की तारीख, इतिहास और इसके पीछे की मान्यता
22 अगस्त 2024 को सिंधी ट्रीजड़ी व्रत: पर्व की तारीख, इतिहास और इसके पीछे की मान्यता

22 अगस्त 2024 को सिंधी ट्रीजड़ी व्रत: पर्व की तारीख, इतिहास और इसके पीछे की मान्यता के बारे में। इस साल सिंधी तीज 22 अगस्त को मनाई जाएगी। इस दिन भाद्रपद कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि रहेगी। वहीं कई जगह इस दिन कजरी तीज का त्योहार मनाया जाएगा।
सिंधी समुदाय का तीजड़ी पर्व भाद्रपद कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। सामान्यतः त्योहार रक्षाबंधन के तीसरे दिन पड़ता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। चलिए जानते हैं इस साल सिंधी तीज या तीजड़ी पर्व कब है।
सिंधी तीज
तीजड़ी एक सिंधी त्योहार है जिसमें कुंवारी लड़कियां और शादीशुदा महिलाएं पति की लंबी उम्र और परिवार की समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं। इस व्रत से एक दिन पहले महिलाएं हाथों में मेहंदी लगाती हैं। फिर तिजड़ी के दिन सूर्योदय से पहले उठ जाती हैं और मुसाग जड़ी बूटी से दांत साफ करती हैं। इसके बाद मिठाई, फल और रबड़ी आदि का सेवन करती हैं।
इसके बाद अपना निर्जला उपवास शुरू करती हैं। इस दिन तीजड़ी माता की पूजा की जाती है और व्रत से कुछ दिन पहले उगाए हए पौधे को जल दिया जाता है। इसके बाद महिलाएं तीजड़ी पौधे को हाथ से हिलाती हैं। शाम में सूरज डूबने के बाद तीजड़ी माता की कथा सुनी जाती है।
फिर चांद के निकलने का इंतजार किया जाता है। चंद्रमा का अर्घ्य देने के लिए एक थाली तैयार की जाती है जिसमें साबूत चावल, कच्चा दूध, चीनी और खीरा रखा जाता है। साथ में अगरबत्ती और जल से भरा कलश रखा जाता है।
फिर चांद को जल चढ़ाकर थाली में लाया गया भोग अर्पित किया जाता है और साथ में अगरबत्ती दिखाई जाती है। इसके बाद महिलाएं सिंपल खाना खाकर अपना उपवास तोड़ती हैं।








