कटनी। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में मुड़वारा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहे फिरोज अहमद का आज जबलपुर में दुखद निधन हो गया। फिरोज भाई को कोरोना संक्रमित होने की वजह से मेडीकल कॉलेज जबलपुर में दाखिल कराया गया था। चार दिन इलाज के बावजूद चिकित्सकों द्वारा उन्हें बचाया नहीं जा सका। निधन की खबर मिलते ही लोग स्तब्ध रह गए।
क्षेत्र में शोक व्याप्त हो गया तथा शोक संवेदना व्यक्त करने लोग उनके मिशन चौक स्थित निवास पर भी पहुंचने लगे। यह विडम्बना है कि फिरोज भाई की पत्नी एवं बेटे को भी कोरोना पॉजिटिव होने के कारण एक दिन पहले मेडीकल कॉलेज जबलपुर भेजा गया था।
जानकारी के मुताबिक कोरोना के केसों में शासन की गाइडलाइन के मुताबिक 3 बजे फिरोज भाई का अंतिम संस्कार भी जबलपुर में किया जाना था। कटनी जिले में कोरोना वायरस से एक प्रतिष्ठित व्यक्ति के निधन ने शहरवासियों को दुख के साथ चिंतित भी कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि 8 जून को तबियत नासाज होने की वजह से फिरोज अहमद स्वयं अपना टेस्ट कराने कटनी जिला चिकित्सालय गये थे। उनमें कोरोना के लक्ष्ण पाये जाने के बाद सेम्पल की टेस्टिंग के लिए जबलपुर भेजा गया। 10 जून की शाम पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद तत्काल पहले कटनी के कोविड केयर सेंटर में रखा गया तथा अगले ही दिन 11 जून को उन्हें मेडीकल कॉलेज जबलपुर भेज दिया गया। इसके साथ ही प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते ही उनके मिशन चौक स्थित निवास एवं इससे सटे तीन घरों को कंटेन्मेंट एरिया घोषित करते हुए किसी भी सख्श की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया।
स्वास्थ्य विभाग ने फिरोज भाई के परिवार के लोगों सहित पिछले दस दिनों में उनके संपर्क में आने वाले करीब 40 लोगों के सेम्पल लिये। 12 जून को सेम्पलों की टेस्टिंग के बाद पत्नी और पुत्र सहित चार लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद उन्हें भी फौरन कोविड केयर सेंटर में शिफ्ट किया गया जहां से पत्नी एवं बेटे को 14 जून को मेडीकल कालेज जबलपुर भेज दिया गया। एक दिन बाद ही आज यह दुखद खबर आ गई।
जानकारी के मुताबिक फिरोज अहमद पिछले एक साल से अश्वस्थ चल रहे थे। कुछ समय पहले उनकी बायपास सर्जरी भी हुई थी। इसके बाद वे स्वास्थ्य की दृष्टिकोण से बहुत सावधानी भरा जीवन जी रहे थे, किन्तु कोरोना संक्रमण ने परिवार के लोगों के साथ उन्हें भी जकड़ लिया और अंततः शहर ने एक मिलनसार एवं समाजसेवी व्यक्तित्व को खो दिया।
कांग्रेस में शोक
प्रदेश कांग्रेस के सचिव फिरोज अहमद के अकस्मात निधन की खबर से हर कोई स्तब्ध रह गया। किसी को भी यकीन नहीं था कि फिरोज भाई जैसा जिंदादिल इंसान इस तरह बिछड़ जाएगा। वे 2013 के चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे। वर्तमान में संगठन में प्रमुख जवाबदारी के साथ-साथ अपने जीवनकाल में कांग्रेस के अनेक पदों पर रहे हैं। पार्टी के लिए समर्पित भाव से कार्य करने के साथ-साथ समाजसेवा के क्षेत्र में भी उनका योगदान रहा।
उनके व्यक्तित्व की खासियत यह थी कि मुस्लिम समुदाय के होने के बावजूद अन्य समुदाय के लोगों से उनके सदैव आत्मीय रिश्ते रहे। निधन से समूची कांग्रेस में शोक व्याप्त हो गया। कांग्रेस नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
पूर्वमंत्री एवं विधायक ने शोक व्यक्त किया
कांग्रेस नेता फिरोज अहमद के निधन पर प्रदेश सरकार के पूर्वमंत्री एवं विजयराघवगढ़ के विधायक संजय पाठक ने शोक व्यक्त करते हुए श्रृद्धांजलि अर्पित की है। श्री पाठक ने कहा कि फिरोज भाई और उनके परिवार से पाठक परिवार का सदैव गहरा नाता रहा है। वे सुलझे हुए राजनेता थे। उनके निधन से जो स्थान रिक्त हुआ है उसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है।
शहर कांग्रेस कमेटी ने शोक व्यक्त किया
जिला शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मिथलेश जैन ने फिरोज भाई के निधन पर गहन दुख व्यक्त करते हुए इसे कांग्रेस पार्टी के लिए अपूर्णनीय क्षति बताया है। उन्होंने कहा कि फिरोज भाई लोगों की मदद करते थे और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते थे। ईश्वर उनके परिवार पर आए गहन दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
