पीएम की सीएम से चर्चा / ज्यादातर मुख्यमंत्रियों ने लॉकडाउन की अवधि 2 हफ्ते तक बढ़ाने का आग्रह किया, केंद्र इस पर विचार कर रहा
प्रधानमंत्री मोदी की राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेेंसिंग की। सभी राज्यों को भरोसा दिलाया कि केंद्र कोरोना पर उनके सुझावों पर गौर करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कॉन्फ्रेंसिंग में गमछे को मास्क बनाया, मुख्यमंत्रियों से कहा- साथ मिलकर काम करेंगे
पंजाब, महाराष्ट्र और दिल्ली के मुख्यमंत्री समेत कई राज्यों ने लॉकडाउन बढ़ाने का समर्थन किया
दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने आधिकारिक घोषणा से पहले ही ट्वीट किया- प्रधानमंत्री का लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला सही
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार मुख्यमंत्रियों के साथ तीसरी बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। 11 बजे शुरू हुई यह बैठक करीब 4 घंटे तक चली। मोदी इस दौरान गमछे को ही मास्क जैसे लगाए नजर आए। कॉन्फ्रेंसिंग में लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं 24 घंटे उपलब्ध हूं, कोई भी मुख्यमंत्री कभी भी मुझे सुझाव दे सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्रियों को भरोसा दिलाया कि राज्यों के सुझावों पर गौर किया जाएगा। कॉन्फ्रेंसिंग में अमरिंदर सिंह (पंजाब), ममता बनर्जी (पश्चिम बंगाल), उद्धव ठाकरे (महाराष्ट्र), योगी आदित्यनाथ (उत्तर प्रदेश), मनोहर लाल खट्टर (हरियाणा), के चंद्रशेखर राव (तेलंगाना) और नीतीश कुमार (बिहार) समेत दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। पंजाब, महाराष्ट्र और दिल्ली के मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन बढ़ाने की मांग की।
इससे पहले मोदी 20 मार्च और 2 अप्रैल को भी मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर चुके हैं। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए लागू 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन की अवधि 14 अप्रैल को खत्म हो रही है। अभी तक 9 राज्य केंद्र से लॉकडाउन बढ़ाने की मांग कर चुके हैं। माना जा रहा है कि देशभर में लॉकडाउन 30 अप्रैल तक बढ़ाया जा सकता है। मोदी ने 24 मार्च को अपने दूसरे संबोधन में 21 दिन के लॉकडाउन का ऐलान किया था।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री मोदी से बात करते राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत।
केजरीवाल और अमरिंदर सिंह ने केंद्र को सुझाव दिया
मोदी ने मुख्यमंत्रियों से लॉकडाउन के दौरान दी जा रही जरूरी सेवाओं की श्रेणी बढ़ाने और इसमें कुछ अन्य सेवाओं के लोगों को छूट देने पर सुझाव मांगा। उन्होंने कहा कि हम सभी को इस महामारी से निपटने के लिए कंधे से कंधे मिलाकर काम करना है। अरविंद केजरीवाल (दिल्ली), उद्धव ठाकरे (महाराष्ट्र) और कैप्टन अमरिंदर सिंह (पंजाब) ने प्रधानमंत्री से लॉकडाउन 30 अप्रैल तक बढ़ाने की मांग की। केजरीवाल ने तीन सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन जारी रखने का फैसला राष्ट्रीय स्तर पर लिया जाए। राज्य अगर अपने स्तर पर लॉकडाउन फैसला लेंगे तो संक्रमण की रोकथाम असरदार नहीं होगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर किसी वजह से लॉकडाउन हटाया जाता है तो परिवहन सेवाएं बहाल न हों। वहीं, कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उद्योगों और कृषि क्षेत्र को लॉकडाउन से छूट देने का सुझाव दिया। उन्होंने अपने राज्य के लिए अतिरिक्त जांच किट उपलब्ध करवाने की भी मांग की।
केंद्र सरकार लॉकडाउन में कुछ बदलाव कर सकती है
सरकार के सूत्रों के मुताबिक, कुछ बदलावों के साथ लॉकडाउन आगे बढ़ने के आसार हैं। राज्यों में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर प्रतिबंध जारी रहेंगे। स्कूल-कॉलेज और धर्मस्थल भी बंद रहने की संभावना है।
लॉकडाउन के कारण देश की अर्थव्यवस्था को खासा नुकसान हो रहा है, ऐसे में कुछ सेक्टरों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की शर्त पर लॉकडाउन से छूट दी जा सकती है। वहीं, आरबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कोरोना संकट के बीच अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार की संभावना जताई है। लॉकडाउन से सबसे ज्यादा असर एविएशन सेक्टर पर पड़ा है। ऐसे में सरकार एयरलाइंस कपंनियों को उड़ानें शुरू करने की छूट दे सकती है, लेकिन उन्हें सभी क्लास में बीच की सीट खाली रहनी होगी।
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा प्रधानमंत्री मोदी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करते हुए।
देश के 12 राज्य लॉकडाउन बढाने के पक्ष में
अब तक कम से कम 12 राज्य लॉकडाउन बढ़ाने का समर्थन कर चुके हैं। शनिवार को पंजाब, महाराष्ट्र और दिल्ली ने लॉकडाउन बढ़ाने की मांग की। वहीं, ओडिशा लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने वाला पहला राज्य है। उसने 30 अप्रैल तक लॉकडाउन और 17 जून तक स्कूल-कॉलेज बंद रखने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने केंद्र से उड़ानें भी बंद रखने की अपील की है। इसके अलावा पंजाब ने भी कर्फ्यू 30 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। कर्नाटक भी लॉकडाउन बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान, असम, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पुड्डुचेरी भी लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में हैं।
राज्य आबादी संक्रमितों की संख्या
दिल्ली 16,787,941 903
महाराष्ट्र 112,374,333 1574
पंजाब 27,743,338
151
ओड़िसा 41,974,218 50
कर्नाटक 61,095,297 214
उत्तर प्रदेश 199,812,341 433
तेलंगाना 35,003,674 487
राजस्थान 68,548,437 579
असम 31,205,576 29
मध्य प्रदेश 72,626,809 451
छत्तीसगढ़ 25,545,198 18
पुड्डुचेरी 1,247,953 7
काॅन्फ्रेंस में गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे।
कोरोना पर अब तक मोदी के 3 संबोधन
पहला: प्रधानमंत्री ने 19 मार्च को जनता कर्फ्यू लगाने की बात कही थी। इसके बाद 22 मार्च को देशभर में सबकुछ बंद रहा। शाम को लोगों ने घरों के अंदर से ही कोरोना फाइटर्स का ताली और थाली बजाकर आभार जताया था।
दूसरा: मोदी ने 24 मार्च को कोरोना संक्रमण रोकने के लिए 25 मार्च से 14 अप्रैल तक देशव्यापी लॉकडाउन का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि कोरोना की चेन तोड़ने के लोग घरों में रहने की लक्ष्मण रेखा का पालन करें।
तीसरा: प्रधानमंत्री मोदी ने 3 अप्रैल को एक वीडियो संदेश जारी किया। इस दौरान लोगों से 5 अप्रैल की रात 9 बजे 9 मिनट के लिए घरों की लाइट बंद कर घरों में दीये, मोमबत्ती और मोबाइल की लाइट जलाकर एकजुटता दिखाने की अपील की थी।
