कटनी जिले के 204 आदि सेवा केंद्रों पर लगेंगे जनसुनवाई व कल्याणकारी शिविर; जनजातीय समुदाय को मिलेगा योजनाओं का सीधा लाभ
कटनी जिले के 204 आदि सेवा केंद्रों पर लगेंगे जनसुनवाई व कल्याणकारी शिविर; जनजातीय समुदाय को मिलेगा योजनाओं का सीधा लाभ
कटनी (मध्य प्रदेश): जनजातीय समुदाय की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने और पात्र हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से कटनी जिले में एक विशेष पहल की शुरुआत की गई है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देशों के तहत 13 से 15 अगस्त तक ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ के अंतर्गत जिलेभर के आदि सेवा केंद्रों में विशेष जनसुनवाई एवं कल्याणकारी शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
शिकायतों का तत्काल पंजीयन और मौके पर निराकरण
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में अंतिम व्यक्ति तक प्रशासनिक सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है:
शिकायतों का पंजीयन: शिविरों के दौरान जनजातीय समुदाय के नागरिकों की समस्याओं व शिकायतों को दर्ज कर उनका प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जाएगा।
योजनाओं का लाभ: विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों के आवेदन जमा कर उन्हें तुरंत लाभ दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
प्रशासनिक ढांचा: SDM अध्यक्ष और जनपद CEO होंगे नोडल अधिकारी
अभियान के सुचारू संचालन और मॉनिटरिंग के लिए मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था बनाई गई है:
अनुविभागीय अधिकारी (SDM): संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को इस अभियान का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी (Janpad CEO): संबंधित जनपद पंचायत के CEO को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
ग्राम स्तरीय टीम: मैदानी स्तर पर ग्राम नोडल अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक (GRS) मिलकर जनसुनवाई व शिविरों का संचालन करेंगे।
6 विकासखंडों के 204 केंद्रों पर आयोजन
यह अभियान जिले के सभी प्रमुख जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों को कवर कर रहा है:
कवर किए जाने वाले विकासखंड: कटनी, बड़वारा, विजयराघवगढ़, बहोरीबंद, ढीमरखेड़ा एवं रीठी।
कुल केंद्र: इन 6 विकासखंडों की ग्राम पंचायतों में स्थित कुल 204 आदि सेवा केंद्रों पर ये शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
कलेक्टर के सख्त निर्देश
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट ताकीद दी है कि शिविरों के दौरान जनजातीय समुदाय की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि शिकायतों का पंजीयन कर उनका समयबद्ध समाधान निकाला जाए और अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित किया जाए।