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Corona Crisis : Meal For Poor एक करोड़ परिवारों को चना दाल के साथ दो माह तक यह सामग्री मुफ्त देगी सरकार

भोपाल । Coronavirus in Madhya Pradesh : कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन से गरीबों की रोजी-रोटी पर आए संकट को देखते हुए सरकार अब अप्रैल से जून तक का राशन भी निशुल्क देगी।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से प्रदेश के पांच करोड़ 44 लाख व्यक्तियों को प्रतिमाह के हिसाब से पांच किलोग्राम चावल मिलेगा।

प्रति परिवार प्रतिमाह एक किलो दाल भी दी जाएगी। पहले माह चना दाल मिलेगी और इसके बाद तुअर दाल देने की तैयारी है।

अप्रैल अंत तक दो माह का राशन उपलब्ध कराया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार का मानना है कि कोरोना संक्रमण के चलते आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाने में समय लगेगा। इसकी वजह से गरीबों के सामने रोजी-रोटी का संकट रहेगा। ऐसे में गरीबों को भोजन की व्यवस्था करने में कोई परेशान न आए, इसके लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से अप्रैल, मई और जून के लिए राशन देने का फैसला किया है। इसके तहत मध्य प्रदेश के एक करोड़ 16 लाख परिवारों को चावल और दाल दी जाएगी।

 

अप्रैल में देंगे दो माह का चावल

खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि अप्रैल में ही दो माह का चावल (10 किलोग्राम) प्रति व्यक्ति को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग से चावल की रेलवे रैक दूसरे स्थानों पर भिजवाई जा रही हैं।

भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ मर्यादित (नेफेड) के माध्यम से दाल उपलब्ध कराई जाएगी। अप्रैल के लिए चना दाल देना तय किया है। मई और जून के लिए तुअर दाल की मांग की गई है। उल्लेखनीय है कि नेफेड ने पिछले साल प्रदेश में 10 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा चना और करीब पांच लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी थी। इसमें से अधिकांश खाद्यान्न अभी भी यहीं गोदामों में रखा हुआ है।

 

पहले दे चुके हैं तीन माह का राशन

इसके पहले मार्च, अप्रैल और मई का गेहूं और चावल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के एक करोड़ 16 लाख पात्र परिवार को उपलब्ध कराया जा चुका है। पात्रता होने के बावजूद केंद्र द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून में संख्या निर्धारित करने की वजह से जो 32 लाख व्यक्ति छूट गए थे, उन्हें कोरोना संक्रमण की वजह से प्रदेश सरकार की ओर से एक माह का निशुल्क राशन (चार किलोग्राम गेहूं और एक किलोग्राम चावल) दिया जा रहा है। पास की उचित मूल्य की दुकान से पात्र व्यक्ति राशन ले सकते हैं।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम