कटनी में ‘जनभागीदारी अभियान’ का शंखनाद: 210 गांवों में लगेंगे संतृप्ति शिविर; आधार, आयुष्मान से लेकर वन अधिकार पट्टे तक का मिलेगा लाभ
कटनी। कटनी में ‘जनभागीदारी अभियान’ का शंखनाद: 210 गांवों में लगेंगे संतृप्ति शिविर; आधार, आयुष्मान से लेकर वन अधिकार पट्टे तक का मिलेगा लाभभारत सरकार के जनजातीय मंत्रालय और मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार, कटनी जिले में जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण और उन्हें शासकीय योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने के लिए एक वृहद अभियान की शुरुआत हो गई है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देशन में सोमवार से जिले में ‘जनभागीदारी अभियान’ का आगाज किया गया है।
कटनी में ‘जनभागीदारी अभियान’ का शंखनाद: 210 गांवों में लगेंगे संतृप्ति शिविर; आधार, आयुष्मान से लेकर वन अधिकार पट्टे तक का मिलेगा लाभ
यह अभियान “जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले” की विशेष थीम पर आधारित है। इसके तहत 25 मई तक जिले के चयनित 210 ग्रामों में सघन लाभार्थी संतृप्ति शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अंतिम छोर पर मौजूद पात्र हितग्राही को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
आदि सेवा केंद्रों पर मिलेगा 18 से अधिक योजनाओं का सीधा लाभ
अभियान के दौरान चयनित 210 ग्रामों में स्थित आदि सेवा केंद्रों पर विभिन्न सरकारी विभागों के समन्वय से विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में जनजातीय वर्ग के लोगों को निम्नलिखित प्रमुख योजनाओं व सेवाओं का लाभ मौके पर ही प्रदान किया जाएगा:
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दस्तावेज व प्रमाण पत्र: आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र और राशन कार्ड।
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वित्तीय समावेशन व बीमा: जनधन खाता, पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना, पीएम सुरक्षा बीमा योजना और सुकन्या समृद्धि योजना।
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स्वास्थ्य सुरक्षा: आयुष्मान भारत कार्ड, पीएम सुरक्षित मातृत्व अभियान, पीएम राष्ट्रीय डायलिसिस प्रोग्राम, सिकल सेल मिशन और क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन जांच।
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कृषि व आजीविका: पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और वन अधिकार पट्टा।
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अन्य कल्याणकारी योजनाएं: पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना, पीएम उज्ज्वला योजना और पीएम विश्वकर्मा योजना।
कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ को बनाया नोडल अधिकारी
इस महाअभियान के सफल और सुचारू संचालन के लिए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारियां तय कर दी हैं। जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर को जिला स्तर पर इस अभियान का मुख्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
जबकि अनुसूचित जाति एवं जनजातीय कार्य विभाग के जिला संयोजक विमल चौरसिया को सहायक नोडल अधिकारी की कमान सौंपी गई है। जनपद स्तर पर संबंधित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) इस पूरे अभियान की निगरानी करेंगे।
सात दिवसीय अभियान की पूरी रूपरेखा (19 से 25 मई):
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19 से 25 मई (प्रतिदिन): जिला, विकासखंड और ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य जांच, संतृप्ति शिविर और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा।
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20 मई (ग्राम ईमर्शन ड्राइव): इस दिन प्रशासनिक अधिकारी और स्वयंसेवी संगठनों (NGOs) के प्रतिनिधि गांवों में पैदल भ्रमण (ट्रांसेक्ट वॉक) कर धरातल पर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेंगे।
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21 से 23 मई (जनसुनवाई): आदि सेवा केंद्रों पर स्थानीय ग्रामीणों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष जनसुनवाई का आयोजन होगा।
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24 मई (दस्तावेजीकरण): पूरे सप्ताह की प्रगति रिपोर्ट तैयार की जाएगी और लाभार्थियों के प्रमाण पत्र व्यवस्थित किए जाएंगे।
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25 मई (समीक्षा बैठक): कलेक्ट्रेट में अंतिम समीक्षा बैठक होगी, जिसमें अभियान के परिणामों और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी।
कलेक्टर श्री तिवारी ने जिले के सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे स्वयं या अपने अधिकृत प्रतिनिधियों के माध्यम से इन शिविरों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही लाभ पाने से वंचित न रहे।

