कलेक्टर जनपद पंचायत स्तर पर पहुंच कर सुनेंगे जनता की समस्याएं, जनता के बीच पहुंच कर समस्याएं जानने और निराकरण की कलेक्टर श्री तिवारी की अभिनव पहल(कटनी जिले की प्रशासनिक खबरें)

कटनी (YASH BHARAT.COM))। शासकीय कार्यक्रमों एवं योजनाओं की सतत् समीक्षा तथा आमजन की समस्याओं की जनसुनवाई एवं उनसे संवाद के लिये कलेक्‍टर आशीष तिवारी ने अभिनव पहल की है। कलेक्‍टर श्री तिवारी जनपद स्‍तरीय जनसुनवाई के माध्‍यम से आमजन के बीच शिरकत करेंगे और आमजन की शिकायतों का निराकरण करेंगे।

 

कलेक्‍टर श्री तिवारी ने इस जनसुनवाई कार्यक्रम के आयोजन के लिये संबंधित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को समन्वय अधिकारी जबकि अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व को नोडल अधिकारी नियुक्‍त किया है।

 

इन तिथियों को होगी जनसुनवाई

 

जारी कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार 13 जनवरी को जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में, मंगलवार 20 जनवरी को जनपद पंचायत बहोरीबंद में, मंगलवार 27 जनवरी को जनपद पंचायत रीठी में, मंगलवार 3 फरवरी को जनपद पंचायत बड़वारा में और मंगलवार 10 फरवरी को जनपद पंचायत विजयराघवगढ़ में दोपहर 11 बजे से 1 बजे तक जनपद स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की जायेगी।

 

कलेक्‍टर श्री तिवारी ने निर्देशित किया है कि इस जनसुनवाई के साथ-साथ जिला स्तर से चयनित आवेदन, शिकायतों में लोक सेवा गारंटी अधिनियम, सीएमहेल्पलाईन में 50 दिवस से अधिक समय की लंबित आवेदन, शिकायतों का रैंडमली चयन किया जाकर सुनवाई की जावेगी। सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया गया है कि तय दिवसों में किसी भी स्थिति में समक्ष में अनुमति लिये बिना जनसुनवाई कार्यक्रम से कोई भी जिला अधिकारी अनुपस्थित नहीं रहेंगें।

 

कलेक्‍टर श्री तिवारी ने जनसुनवाई में समस्त जिला प्रमुखों, अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, तहसीलदार, थाना प्रभारी, वन क्षेत्रपाल एवं समस्त विकासखण्ड अधिकारी तथा अन्य को उपस्थित रहने के निर्देश दिये हैं।

 

उपसंभागीय सहायक अधीक्षक ने कलेक्‍टर को भेंट किया नव वर्ष का कैलेंडर

कटनी। डाक विभाग के उपसंभागीय सहायक अधीक्षक वी के गुप्ता एवं मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव अंकित बिलैया ने गुरूवार को कलेक्टर आशीष तिवारी एवं सीईओ जिला पंचायत हरसिमरनप्रीत कौर से सौजन्य भेंट की तथा उन्हें नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए डाक विभाग द्वारा जारी वर्ष 2026 का कैलेंडर भेंट स्वरूप दिया।साथ ही, कलेक्‍टर श्री तिवारी से डाक विभाग एवं आईपीपीबी स्कीम का अधिक से अधिक सरकारी योजनाओं एवं डीबीटी में इस्तेमाल हेतु आग्रह किया।

 

हाट बाजार में जैविक उत्‍पादों के विक्रय हेतु कृषकों से आवेदन आमंत्रित

 

कटनी (YASH BHARAT.COM)। शहरवासियों को रसायन मुक्त फल एवं सब्‍जी की उपलब्‍धता सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर जिला अस्पताल के सामने सब्जी मण्डी प्रांगण, मुड़वारा में प्रत्येक मंगलवार को सबुह 10 बजे से शाम 4 बजे तक जैविक एवं प्राकृतिक खेती हाट बाजार लगाया जा रहा है। जिले के जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने वाले ऐेसे किसान जो अपने जैविक एवं प्राकृतिक खेती के उत्पादों को हाट बाजार में विक्रय करना चाहतें है, ऐसे सभी कृषकों से आवेदन आमंत्रित किये गये हैं।

 

उपसंचालक कृषि ने बताया कि इच्‍छुक कृषक निर्धारित प्रारूप में आवेदन कार्यालयीन समय में संबंधित विकासखण्ड कार्यालय में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से आवेदन प्राप्त कर आवश्यक अभिलेख जैसे खसरा बी-1, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के उत्पाद, आधार कार्ड, 2 पासपोर्ट साईज की स्वयं की फोटो तथा जैविक और प्राकृतिक खेती के प्रमाण हेतु उपयोग किये गये जीवामृत, घनजीवामृत, जैविक खाद आदि के फोटो के साथ आवेदन जमा कर सकते है। आवेदन प्राप्त होने के पश्चात् भौतिक सत्यापन उपरांत समिति द्वारा निर्णय लिये जाने पर संबंधित किसान को निर्धारित जैविक और प्राकृतिक खेती हाट बाजार हेतु अनुमति प्रदान की जायेगी।

 

उपसंचालक ने शहरवासियों ने हाट बाजार में पहुँचकर स्वास्थ्यवर्धक जैविक और प्राकृतिक उत्पाद के लाभ लेने एवं कृषकों का मनोबल बढानें की अपील की है।

 

 

शासकीय महाविद्यालय बहोरीबंद में विद्यार्थियों को दिया गया जैविक खाद एवं कीटनाशकों का तकनीकी प्रशिक्षण

 

कटनी (YASH BHARAT.COM)। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ स्वरोजगार के माध्‍यम से आत्‍मनिर्भर बनाने हेतु वीरांगना रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय बहोरीबंद में स्नातक स्तर के छात्र-छात्राओं को जैविक खेती का प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण प्राचार्य डॉ. इंद्र कुमार के मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. मंजू द्विवेदी के सहयोग से जैविक कृषि विशेषज्ञ रामसुख दुबे द्वारा दिया जा रहा है।

 

प्रशिक्षण में विभिन्न जैविक खादों के अंतर्गत गोबर कंपोस्ट खाद, नाडेप टांका खाद के अंतर्गत पक्का नाडेप, टटिया नाडेप, कच्चा या भू नाडेप, केंचुआ खाद, हरी खाद, जैव उर्वरक, बायोगैस, स्लरीसींग खाद तथा शीघ्र खाद के अंतर्गत मटका खाद, जीवामृत घन, जीवामृत, बीजामृत तथा संजीवक एवं जैविक कीट नाशकों के अंतर्गत गोमूत्र, नीम पत्ती, निबोली, पांच पत्ती काढ़ा, नीमस्त्र, आग्नेयास्त्र, ब्रह्मास्त्र की विस्तृत जानकारी दी गई।

 

प्रशिक्षण के दौरान जैविक खेती, टिकाऊ खेती तथा जैविक कृषि कार्यक्रम के उद्देश्य के अंतर्गत उत्तम गुणवत्ता युक्त खाद्य पदार्थों का अधिक मात्रा में उत्पादन करना, प्राकृतिक संसाधनों का समुचित उपयोग, पौधों एवं जंतुओं का उपयोग कर जैव की चक्र को गति प्रदान करना, मृदा की दीर्घकालीन उर्वरता बनाए रखना, कृषि तकनीक से होने वाले सभी प्रदूषणों से बचाव, कृषकों को सुरक्षित वातावरण के साथ-साथ अधिकतम उत्पादन द्वारा संतुष्टि आदि के विषय में बतलाया गया।

 

अन्य बीमारियों की तरह ही सामान्‍य और उपचार योग्य है कुष्ठ रोग- सीएमएचओ

 

कटनी (YASH BHARAT.COM)। कुष्‍ठ रोग के संबंध में समाज में व्याप्त भ्रान्तियों को दूर करने के लिये मुख्‍य चिकित्सा एवं स्वास्‍थ्‍य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. राज सिंह ठाकुर ने कुष्ठ रोग को अन्य जीवाणुजनित बीमारियों की तरह ही एक साधारण बीमारी बताया है। उन्‍होंने बताया कि कुष्‍ठ रोग पूरी तरह से उपचार योग्‍य है और समय पर इलाज लेने से किसी भी प्रकार की विकृति आने की संभावना समाप्‍त हो जाती है।

 

सीएमएचओ डॉ. ठाकुर ने बताया कि कुष्‍ठ रोग माइकोबैक्टीरियम लेप्री नामक जीवाणु के द्वारा होता है। यह मुख्यतः चमड़ी और तंत्रिकाओं को प्रभावित करता है।

 

कुष्ठ रोग की पहचान एकदम आसान है। इसके चमड़ी के रंग से फीके, लाल, गुलाबी, दाग व धब्बे जो समतल भी हो सकते है और उभरे हुए भी हो सकते हैं। खास बात यह है कि इन दागों में दर्द व खुजली नहीं होती है। उन दागो में सुन्नपन रहता है। अर्थात् उन दागों में कोई चीज चुभाने से दर्द नहीं होता, ठण्‍डे व गर्म का पता नहीं चलता, चेहरे पर लालिमा सूजन, तेलिया तामिया चमक, कान चेहरे व शरीर पर दर्द रहित गठाने इसके अलावा हाथ पैरो में झुनझुनी, सुन्नपन, सुखापन व सतही तंत्रिकाओ में सूजन, मोटापन और टटोलने से दर्द होता हो, ये कुष्ठ के लक्षण है। साथ ही शरीर के किसी भाग में सूजन सा हो, उसमे पसीना न आता हो, चमड़ी पर फफोले आ जावे और पता ना चलता हो यह भी कुष्ठ के लक्षण हो सकते हैं।

 

कई बार हमारी मातायें खाना बनाती हैं और खाना बनाते समय उनके हाथो में फफोले आ जाते हैं और पता ना चलता हो यह भी कुष्ठ के लक्षण हो सकते हैं। पैर के तलवे में घाव हो जावे और वह भरता न हो यह कुष्ठ और सुगर दोनों बीमारी का लक्षण हो हो सकता है। हमारे हाथों की उंगलियों की पकड़ कमजोर हो जावे, हम कोई वस्तु पकड़ न पाये, हम अपने शर्ट की बटन न लगा पाये व महिलाये अपने कपड़े का हुक न लगा पाये यह भी कुष्ठ का लक्षण हो सकता है।

 

कई बार हाथ की कलाई व पैर का पंजा अचानक झूल जावे जिसे रिस्ट ड्राप व फुट ड्राप कहते है, कभी-कभी चलते-चलते पैरों की चप्पल निकल जाये और पता न चलता हो, दर्द भरी गठानो के साथ बुखार आ जावे, जोड़ो में दर्द की शिकायत हो, हमारी गर्भवती माताओं के साथ प्रसव के बाद एकाएक दाग धब्बे निकल आये, आँखों की पलकें बंद न होती हो, दर्द भरी गठानो के साथ बुखार हो, चेहरे पर सूजन व बुखार आ जावे, शरीर में भोथरापन व सुन्नपन सा लगे लेकिन कभी-कभी झुनझुनी, भौंह के बाल झड़ना आदि ये कुष्ठ के लक्षण हो सकते है। इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें।

 

सीएमएचओ डॉ. ठाकुर ने स्‍पष्‍ट किया कि चमड़ी पर होने वाला सफ़ेद या दुधिया दाग कुष्ठ रोग नहीं है। यह मेलानिन पिगमेंट की कमी की बजह से होता है। जिसमें चमड़ी में रंग बनाने की प्रक्रिया प्रभावित होती है।

 

डॉ. ठाकुर ने आमजन से अपील की है कि यदि आपके परिवार में उपरोक्त लक्षण मिलते हैं तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल जाँच व उपचार करायें। समय पर पूर्ण उपचार लेने से विकृति आने की सम्भावनायें नहीं रहती। यह बीमारी पूर्णत: ठीक हो जाती है। कोई भी मरीज इलाज से बंचित न रहे यह हम सबका दायित्व है। इस बीमारी के प्रति सकारात्मक रुख अपना कर बीमारी को अपने जिले से मुक्त किया जा सकता है।

 

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