भोपाल। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों से आ रहीं बर्फीली हवाओं ने मध्य प्रदेश में ठंड का असर और तेज कर दिया है। सोमवार–मंगलवार की दरमियानी रात प्रदेश के कई शहरों में तापमान एक से तीन डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। अमरकंटक और हिल स्टेशन पचमढ़ी में मैदानों पर ओस की बूंदें जमती नजर आईं, जबकि राजगढ़ में न्यूनतम तापमान गिरकर 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
प्रदेश की राजधानी भोपाल और राजगढ़ में तीव्र शीतलहर का असर दर्ज किया गया, वहीं कटनी, शाजापुर, शहडोल, सिवनी, मंदसौर और सीहोर जिलों में शीतलहर का प्रभाव बना रहा। दतिया में अति घना कोहरा छाया रहा, जबकि भोपाल, ग्वालियर, राजगढ़ और खजुराहो में घना कोहरा देखने को मिला। दिन के तापमान की बात करें तो सबसे कम अधिकतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस श्योपुर में और सबसे अधिक 26.8 डिग्री सेल्सियस रायसेन में दर्ज किया गया।
कटनी में भी बढ़ी ठिठुरन
तेज सर्द हवाओं का असर कटनी जिले में भी साफ नजर आया। यहां रात के तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई और न्यूनतम तापमान एकल अंक में पहुंचने से लोग ठंड से ठिठुरते रहे। सुबह के समय हल्की धुंध और ठंडी हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया।
आगे भी रहेगा असर
मौसम विज्ञानियों के अनुसार बुधवार को भोपाल, राजगढ़, सीहोर और छतरपुर में शीतलहर का असर बना रह सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक भोपाल और रीवा संभाग के जिलों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। भोपाल में रात का तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान है।
ये मौसम प्रणालियां हैं सक्रिय
वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में सक्रिय है। वहीं उत्तर-पश्चिमी भारत के ऊपर 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर करीब 240 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं। मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक उत्तर भारत कड़ाके की ठंड की चपेट में है। पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी से निकल रहीं बर्फीली हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में भी ठंड का असर बढ़ा है। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के बाद दो दिन में रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है।
