वेब डेस्क, यश भारत (आशीष शुक्ला)। मानव संसाधन मंत्रालय और CBSE ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 10वीं और 12वीं की बाकी बची परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है।
लॉकडाउन की वजह से ये परीक्षाएं मार्च में नहीं हो पाई थीं। अब ये 1 जुलाई से 15 जुलाई के बीच होने वाली थीं लेकिन कोरोनावायरस संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए बोर्ड ने परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया है।
दरअसल सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर थी जिसमें कहा गया था कि CBSE की परीक्षाओं की वजह से देश में Covid-19 का संक्रमण फैल सकता है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से इस पर जवाब मांगा था। इसके बाद ही मानव संसाधन मंत्रालय और CBSE बोर्ड ने परीक्षा रद्द करने का फैसला किया है।
इसके बाद काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) ने भी ICSE और ISC की बाकी बची परीक्षाएं भी रद्द हो गई हैं। CISCE अंदरूनी असेसमेंट के जरिए स्टूडेंट्स को ग्रेडिंग देगा।
मानव संसाधन मंत्रालय ने बताया कि इस मामले में शुक्रवार को एक नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कॉलेज एडमिशन और अकेडमिक ईयर जैसे कई मामलों पर कुछ सफाई मांगी है। लिहाजा इन मामलों को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय शुक्रवार यानी कल नोटिफिकेशन जारी करने वाला है।
हालांकि 12वीं के छात्रों को यह विकल्प दिया जाएगा कि वह इंटर्नल असेसमेंट स्वीकार करें या फिर भविष्य में होने वाले एग्जाम में बैठें। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 23 जून को की थी और इसे 25 जून के लिए टाल दिया था।
केंद्र सरकार और CBSE की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पैरवी कर रहे हैं। परीक्षा ना कराने के लिए याचिका दायर करने वालों की तरफ से ऋषि मल्होत्रा इस मामले की पैरवी कर रहे हैं। अभिभावकों को यह चिंता थी कि परीक्षा के दौरान बच्चे कोरोनावायरस से संक्रमित हो सकते हैं।

