सावधान छात्र और अभिभावक: फर्जी विश्वविद्यालयों के खिलाफ UGC और MP उच्च शिक्षा विभाग का महा-अभियान, जारी हुई गाइडलाइन
भोपाल:सावधान छात्र और अभिभावक: फर्जी विश्वविद्यालयों के खिलाफ UGC और MP उच्च शिक्षा विभाग का महा-अभियान, जारी हुई गाइडलाइन। नया शैक्षणिक सत्र (Admission Season) शुरू होते ही मध्य प्रदेश में फर्जी विश्वविद्यालयों और अवैध शिक्षण संस्थानों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने संयुक्त रूप से एक व्यापक जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को शैक्षणिक धोखाधड़ी का शिकार होने से बचाना और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना है।
सावधान छात्र और अभिभावक: फर्जी विश्वविद्यालयों के खिलाफ UGC और MP उच्च शिक्षा विभाग का महा-अभियान, जारी हुई गाइडलाइन
इस संयुक्त पहल के तहत मध्य प्रदेश के सभी शासकीय व निजी विश्वविद्यालयों, सरकारी व गैर-सरकारी महाविद्यालयों (Colleges) और अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थानों को कड़े और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
UGC की दो टूक: केवल अधिकृत संस्थानों की डिग्रियां ही होंगी मान्य
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने डिग्रियों की वैधता को लेकर अपनी गाइडलाइन में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। आयोग के अनुसार:
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डिग्री प्रदान करने का अधिकार केवल उन्हीं विश्वविद्यालयों और संस्थानों के पास है जो किसी राज्य अधिनियम, केंद्रीय अधिनियम या प्रांतीय अधिनियम के तहत स्थापित किए गए हों।
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इसके अलावा वे संस्थान भी डिग्री दे सकते हैं जो UGC अधिनियम 1956 के अंतर्गत विशेष रूप से अधिकृत किए गए हों।
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बड़ी चेतावनी: आयोग ने साफ किया है कि किसी भी गैर-मान्यता प्राप्त या फर्जी संस्थान से हासिल की गई डिग्री पूरी तरह से अवैध होगी। ऐसी डिग्रियों का उपयोग किसी भी उच्च शिक्षा, सरकारी या निजी रोजगार (Jobs) के लिए नहीं किया जा सकेगा।
भ्रामक विज्ञापनों और झूठे दावों के मायाजाल से बचें
प्रवेश (Admission) के इस दौर में माता-पिता और छात्रों को आगाह करते हुए UGC ने विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, कुछ अवैध संस्थान खुद को मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय बताकर समाचार पत्रों, सोशल मीडिया और आकर्षक विज्ञापनों के जरिए झूठे दावे कर रहे हैं।
छात्रों को आकर्षित करने के लिए ये संस्थान इंफ्रास्ट्रक्चर और 100% प्लेसमेंट जैसे लुभावने वादे करते हैं, जो बाद में फर्जी साबित होते हैं। इसी भ्रामक जाल को तोड़ने के लिए प्रशासन अब जमीनी और डिजिटल स्तर पर अलर्ट जारी कर रहा है।
हेल्पलाइन और सलाह: उच्च शिक्षा विभाग ने छात्रों को सलाह दी है कि मध्य प्रदेश या देश के किसी भी विश्वविद्यालय में दाखिला लेने से पहले UGC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची’ (Fake Universities List) को अवश्य चेक कर लें, ताकि मेहनत की कमाई और कीमती समय बर्बाद न हो।

