राकेश सिंह को पद से हटाने की कर रहे हैं मांग
भोपाल। अनुशासन का ढिढोरा पीटने वाली भाजपा अब अपने ही बरिष्ठ नेताओं को ही अनुशासन में नहीं रख पा रही है। हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह को पद से हटाने को लेकर बयान देने वाले विधायक केदारनाथ शुक्ला को नोटिस देने की हिम्मत नहीं दिखा पा रही है। दरअसल इन दिनों संगठन की कार्यप्रणाली से कई बरिष्ठ नेता नाराज चल रहे हैं। इनमें वे नेता शामिल हैं जिनकी डेढ़ दशक तक अपनी ही सरकार में उपेक्षा की जाती रही है। एक के बाद एक नेता के मुखर होने की बढ़ती संख्या को देखते हुए संगठन अब इन्हें नोटिस देने से पीछे हट गई है। विधायक शुक्ला को अब तक कोई नोटिस नहीं मिला है। गौरतलब है कि झाबुआ उपचुनाव में मिली हार का ठीकरा विधायक शक्ुला ने प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह पर फोड़ते हुए कहा था कि वे संगठन को ठीक तरीके से नहीं चला पा रहे हैं। हाईकमान को उन्हें पद से हटा देना चाहिए या फिर उनसे इस्तीफा ले लेना चाहिए। इस बयान के सामने आते ही पार्टी में सियासत गर्मा गई थी। कुछ ही घंटे बाद प्रदेश महामंत्री बी डी शर्मा ने मीडियाकर्मियों से कहा कि शुक्ला को अनुशासनहीनता को लेकर नोटिस दिया जा रहा है। इस बात को आज चार दिन बीत गए हैं। संगठन सूत्रों की माने तो शुक्ला के लिए अब तक नोटिस टाइप ही नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि पार्टी में शुला के नोटिस को लेकर दो घड़े हो गए हैं। एक गुट नोटिस का विरोध कर रहा है। उसका कहना है कि शुक्ला से संगठन नेताओं को बात करनी चाहिए। सीधे नोटिस देना ठीक नहीं है। पार्टी के वरिष्ठ नेता रघुनंदन शर्मा तो खुलकर शुक्ला के समर्थन में आ गए थे। उन्होंने पार्टी में संवादहीनता की बात कही थी।
BJP अब तक जारी नहीं कर सकी केदार को नोटिस

