Bina News: गढ़ा धन पाने की लालसा में हजारों वर्ष पुरानी मढ़िया को कर दिया जमींदोज
Bina News: बीना। गढ़ाधन पाने की लालसा में अज्ञात बदमाशों ने मढ़बामोरा गांव में पशुओं के रक्षक माने जाने वाले कारसदेव भगवान की मढ़िया को रातोंरात
जमींदोज कर दिया। खोदाई के दौरान निकलते विशाल सांपों के फन कुचकल उन्हें मार दिया गया। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
मढ़िया तोड़ने को लेकर ग्रामीणों ने पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि यह यह मढ़िया करीब 1000 हजार पुराना थी। गांव के लोगों की मढ़िया में असीम आस्था थी। गांव में जिस किसी के घर में गाय बझड़े को जन्म देते थी पहला दूध कारसदेव बाबा को चढ़ाया जाता था। इससे वह प्रसन्न होते थे और गाय-बछड़े की रक्षा करते थे।
मढ़िया को लेकर यह भी सुनने में आता था कि इसके नीचे सोना, चांदी और जवाहरात दबे हुए थे। इस खजाने की रक्षा भगवान कारसदेव और विशाल सांप करते हैं। यहा गढ़ा हुआ धन पाने के लिए अज्ञात बदमाशों ने जेसीबी मशीन से मंगलवार की रात खोदाई कर मढ़िया को तहस नहस कर दी है।
मौके पर मिले साक्ष्यों से पता चलता है कि धन के लालची लोगों ने मढ़िया को नष्ट कर करीब 10 फीट गहरी खोदाई की है। खोदाई करने के बाद मिट्टी से वापस गड्ढा भर दिया गया। मदिर में विराजमान, भगवान कारसदेव, नंदी, भगवान गणेश सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं यहां, वहां बिखरी पड़ी हैं। इस घटना को लेकर ग्रामीणों भारी आक्रोश है। अधर्म का काम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मंडीबामोरा पुलिस चौकी में शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
एक दर्जन से ज्यादां साप मारे
मढ़बामोरा निवासी प्रमेंद्र रघुवंशी ने बताया कि गढ़ा धन पाने कि लिए जब मंढ़िया के नीचे जेसीबी मशीन से खोदाई की होगी तो बड़ी संख्या में सांप निकलें होंगे। इसका अंदाजा इसी बात से लाया जा सकता है कि मढ़िया तोड़कर जिस जमीन पर खोदाई की गई उसके पास ब्लैक कोबरा प्रजाति के सात सांप मरे हुए मिले हैं। इन सांपों को फन कुचलकर मारा गया है। ऊपर इतने सांप मरे पड़े हैं तो कई सांपों को मिट्टी के साथ गड्ढे में दफना दिया गया होगा।
गढ़ा धन पाने के लिए मंदिर को तोड़कर खोदी करने की सूचना मिलने पर गुरुवार भारतीय पुरातत्व विभाग भोपाल से डॉ. अमहद अली ने आकर जांच पड़ता की है। उन्होंने बताया मौके पर मिली मूर्तियां मध्यकाल की हैं। यह मूर्तियां करीब 1 हजार साल पहले चंदेल और परमार वंश के वंशजनों बनवाई होंगी। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।
हर पहलू की जांच की जा रही है
घटना की हल पहलू की जांच की जा रही है। गांव के प्रत्येक व्यक्ति से कहा गया है कि उनके पास घटना से संबंधित कोई जानकारी है तो बताएं, उसका नाम गोपनीय रखा जाएगा। लेकिन कोई कुछ भी बताने तैयार नहीं है। यह पूरा घटना क्रम गांव से ही जुड़ा हआ है। जल्द मामले का खुलासा कर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
वाहिद अहम, चौकी प्रभारी, मंडीबामोरा

