MP High Court का बड़ा फैसला: सरकारी अनुबंध को एकतरफा रद्द नहीं किया जा सकता, टीकमगढ़ स्वास्थ्य विभाग पर ठोका ₹10,000 का जुर्माना

MP High Court का बड़ा फैसला: सरकारी अनुबंध को एकतरफा रद्द नहीं किया जा सकता, टीकमगढ़ स्वास्थ्य विभाग पर ठोका ₹10,000 का जुर्माना

जबलपुर: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सरकारी विभागों की मनमानी और एकतरफा कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि किसी भी निष्पादित (निष्पादित) सरकारी अनुबंध (Contract) को बिना कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) दिए और बिना सुनवाई का उचित अवसर दिए एकतरफा तरीके से रद्द नहीं किया जा सकता।

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हाई कोर्ट की युगलपीठ ने टीकमगढ़ जिले के सब हेल्थ सेंटरों में हाउसकीपिंग सेवाओं से जुड़े अनुबंध को रद्द करने के प्रशासनिक आदेश को सिरे से निरस्त कर दिया है:

 क्या है पूरा मामला?

मामला टीकमगढ़ जिले के उप स्वास्थ्य केंद्रों (Sub Health Centers) में हाउसकीपिंग सेवाओं के टेंडर से जुड़ा हुआ है:

एक्टिंग चीफ जस्टिस की युगलपीठ ने सुनाया फैसला

एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया एवं जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने स्काईबुल सिक्योरिटी सर्विस ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड की रिट अपील पर सुनवाई करते हुए यह ऐतिहासिक आदेश पारित किया। अपीलकर्ता कंपनी की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार सिंह सेंगर ने मजबूती से पक्ष रखा और प्रशासनिक आदेश को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत बताया।

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