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बंगाल में TMC को बड़ा झटका: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की बैठक में शामिल हुईं सांसद काकोली घोष दस्तीदार, कल्याण बनर्जी ने कसा तंज

बंगाल में TMC को बड़ा झटका: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की बैठक में शामिल हुईं सांसद काकोली घोष दस्तीदार, कल्याण बनर्जी ने कसा तंज

बंगाल में TMC को बड़ा झटका: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की बैठक में शामिल हुईं सांसद काकोली घोष दस्तीदार, कल्याण बनर्जी ने कसा तंज

बंगाल में TMC को बड़ा झटका: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की बैठक में शामिल हुईं सांसद काकोली घोष दस्तीदार, कल्याण बनर्जी ने कसा तंज

कोलकाता/कल्याणी: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में मची उथल-पुथल अब एक बड़े राजनीतिक संकट में बदलती दिख रही है। पार्टी की बेहद वरिष्ठ नेता और बारासात से चार बार की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने टीएमसी के संगठनात्मक पद से इस्तीफा देने के बाद एक ऐसा कदम उठाया है, जिसने राज्य के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। मंगलवार को काकोली घोष कल्याणी में पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय प्रशासनिक समीक्षा बैठक में शामिल हुईं।  इस बैठक में काकोली घोष दस्तीदार के साथ 6 अन्य टीएमसी विधायक भी मौजूद थे, जिससे तृणमूल कांग्रेस के भीतर एक बड़ी बगावत की आशंका जताई जा रही है।

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प्रशासनिक बैठक या पाला बदलने की तैयारी?

इस महत्वपूर्ण बैठक में सांसद काकोली घोष दस्तीदार के अलावा बसीरहाट क्षेत्र और उत्तर 24 परगना के कई अहम टीएमसी विधायक भी पहुंचे, जिनमें प्रमुख नाम निम्नलिखित हैं:

भाजपा नीत सरकार के इस आधिकारिक प्रशासनिक मंच पर टीएमसी नेताओं की मौजूदगी ऐसे समय में हुई है जब ममता बनर्जी की पार्टी अपने नेताओं को एकजुट रखने के लिए संघर्ष कर रही है। हालांकि, बैठक के बाद काकोली घोष ने सफाई देते हुए कहा, “यह कोई दलीय कार्यक्रम नहीं था। यह एक प्रशासनिक बैठक थी और प्रशासन सभी का होता है।” वहीं, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि उन्होंने विपक्ष के जनप्रतितिधियों को बुलाने के निर्देश दिए थे क्योंकि वे भी अपनी बात रखना चाहते थे और सभी ने विकास कार्यों के लिए सकारात्मक सहयोग की बात कही है।

आई-पैक (I-PAC) और भ्रष्टाचार पर उठाए थे सवाल

बता दें कि काकोली घोष दस्तीदार ने रविवार को ही टीएमसी के बारासात संगठनात्मक जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को भेजे अपने पत्र और उसके बाद की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने पार्टी नेतृत्व और चुनावी रणनीति बनाने वाली एजेंसी आई-पैक (I-PAC) पर तीखे हमले किए थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर नीचे से ऊपर तक ‘आपराधिकता’ (Criminalisation) फैल चुकी है और आरजी कर अस्पताल कांड जैसी घटनाओं के साथ-साथ राशन और नौकरी घोटालों के आरोपों के कारण ईमानदार नेताओं का पार्टी में दम घुट रहा है। हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा उन्हें ‘वाई’ (Y) कैटेगरी की सुरक्षा भी दी गई है।

कल्याण बनर्जी का तीखा तंज: ‘दाग और विवाद हमेशा के लिए मिट जाएंगे’

काकोली घोष के इस कदम के बाद टीएमसी के भीतर उनके विरोधी भी हमलावर हो गए हैं। हाल ही में लोकसभा में टीएमसी के चीफ व्हिप पद से काकोली घोष को हटाकर उनकी जगह नियुक्त किए गए वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक बेहद तंज भरा पोस्ट लिखा:

“आपकी आगे की यात्रा सुगम और सुखद हो। आपको और आपके परिवार को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं। शायद अब आखिरकार आपसे जुड़े सभी दाग ​​और विवाद हमेशा के लिए मिटा दिए जाएंगे। शुभकामनाएं। आशा है कि यह नया अध्याय उन सभी असफल प्रयासों को पूरा करेगा जो पहले हुए थे।”

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस के पुराने और वफादार सिपहसालारों का इस तरह मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के मंच पर दिखना इस बात की ओर साफ इशारा कर रहा है कि आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में और भी बड़े उलटफेर देखने को मिल सकते हैं।

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