RBI का बड़ा एक्शन: BC सिस्टम में सुधार, गांव-गांव बैंकिंग के लिए बढ़ेगी पारदर्शिता
RBI का बड़ा एक्शन: BC सिस्टम में सुधार, गांव-गांव बैंकिंग के लिए बढ़ेगी पारदर्शिता। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने दूरदराज इलाकों में बैंकिंग सेवाएं मजबूत करने के लिए बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट (BC) सिस्टम में बड़े बदलाव का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत नए ड्राफ्ट नियम जारी किए गए हैं, जिनका उद्देश्य BCs के कामकाज और उनकी कमाई में एकरूपता लाना है।
RBI का बड़ा एक्शन: BC सिस्टम में सुधार, गांव-गांव बैंकिंग के लिए बढ़ेगी पारदर्शिता
नए नियमों के अनुसार, BCs को अब दो श्रेणियों में बांटा जाएगा—बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट-बैंकिंग आउटलेट और बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट-बैंकिंग टचपॉइंट। इससे उनकी भूमिका स्पष्ट होगी और काम के अनुसार भुगतान तय किया जा सकेगा।
वर्तमान में देशभर में 16 लाख से अधिक BCs कार्यरत हैं, लेकिन उनके कमीशन और कार्यप्रणाली में काफी असमानता है। RBI का यह कदम इस असमानता को खत्म कर एक समान व्यवस्था लागू करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
इसके अलावा, BC बनने के लिए पात्रता शर्तों को आसान बनाने और बिजनेस फैसिलिटेटर (BF) को भी इसी मॉडल में शामिल करने का प्रस्ताव है। यह ड्राफ्ट नियम एक समिति की सिफारिशों पर आधारित है, जिसमें भारतीय बैंक संघ (IBA) और नाबार्ड (NABARD) समेत कई संस्थाएं शामिल थीं।
RBI ने इन प्रस्तावित नियमों पर 5 मई 2026 तक जनता और संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे हैं। इसके बाद अंतिम नियम लागू किए जाएंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम देश में वित्तीय समावेशन को और मजबूत करेगा और गांवों तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में मदद करेगा।

