
लघु ग्रह Asteroid Alert: धरती पर क्षुद्रग्रह या एस्टेरॉयड का खतरा लगातार बना रहता है।
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा समेत दुनियाभर के खगोलशास्त्री इन पर नजर रखते हैं। ताजा खबर यह है कि आकार में Boeing-747 से बड़ा एक क्षुद्रग्रह (एस्टेरॉयड) धरती की ओर बढ़ रहा है।
आशंका है कि यह 7 अक्टूबर को धरती के ऑर्बिट से टकरा सकता है। नासा ने इसको लेकर चेतावनी जारी कर दी है। इस एस्टेरॉयड का नाम 2020 RK2 है। यह क्षुद्रग्रह 6.68 किलोमीटर प्रति सेकंड की गति से अंतरिक्ष में घूम रहा है।
यह गति 14,942 मील प्रति घंटे के बराबर है। इसका आकार 36 मीटर से 81 मीटर व्यास तक है और चौड़ाई 118-256 फीट है। हालांकि नासा ने धरती को किसी भी तरह की नुकसान होने की आशंका से इन्कार किया है। यह भारतीय समयानुसार रात 10 से 11 बजे के बीच धरती के करीब से गुजरेगा।
Asteroid Alert: हाल के दिनों में जब बाल बाल बची धरती
14 सितंबर: बीती 14 सितंबर को दो एस्टेरॉयड सफलतापूर्वक धरती को छोड़ते हुए निकल गए। नासा के मुताबिक, पहली स्पेस रॉक बस के आकार का क्षुद्रग्रह थी, जिसे 2020 RF3 नाम दिया गया। यह हमारे ग्रह 58,500 मील (94,000 किलोमीटर) की दूरी पर 2:49 बजे गुजर गया।
6 सितंबर: बताया गया कि एक विशालकाय एस्टेरॉयड बेहद तेज गति से पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है। अनुमान जताया गया है कि यह 6 सितंबर को पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर सकता है। 50 हजार 533 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से यह एस्टेरॉयड भारतीय समयानुसार यह रविवार दोपहर 3.30 बजे के आसपास धरती के निकट होगा। जहां तक इसके आकार की बात है, इसे मिस्त्र के गीजा के पिरामिड से दोगुना बताया जा रहा है। हालांकि यह भी सुरक्षित दूरी से गुजर गया।
30 अगस्त: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने बताया कि इस क्षुद्रग्रह का नाम 2011 ईएस3 है। नासा के मुताबिक अगले एक दशक तक पृथ्वी के पास से गुजरने वाले क्षुद्रग्रहों में से यह सबसे पास से गुजरेगा। नासा के जेट प्रॉपल्शन लैबोरेटरी ने कहा कि इससे पहले यह क्षुद्रग्रह साल 2011 में 13 मार्च को पृथ्वी के सबसे नजदीक से होकर गुजरा था।
30 अगस्त: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने बताया कि इस क्षुद्रग्रह का नाम 2011 ईएस3 है। नासा के मुताबिक अगले एक दशक तक पृथ्वी के पास से गुजरने वाले क्षुद्रग्रहों में से यह सबसे पास से गुजरेगा। नासा के जेट प्रॉपल्शन लैबोरेटरी ने कहा कि इससे पहले यह क्षुद्रग्रह साल 2011 में 13 मार्च को पृथ्वी के सबसे नजदीक से होकर गुजरा था।








