Wednesday, May 20, 2026
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एयरपोर्ट पर ‘अमचूर’ ले जाना पड़ेगा भारी, लग सकती है ड्रग तस्करी की धारा; हाई कोर्ट के इस फैसले ने सबको चौंकाया

एयरपोर्ट पर ‘अमचूर’ ले जाना पड़ेगा भारी, लग सकती है ड्रग तस्करी की धारा; हाई कोर्ट के इस फैसले ने सबको चौंकाया।  यदि आप हवाई यात्रा (Flight Journey) करने जा रहे हैं और अपने साथ खाने-पीने का सामान या घरेलू मसाले ले जाने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए! रसोई का एक साधारण सा मसाला ‘अमचूर’ आपको सीधा जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा सकता है और आप पर अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी (NDPS एक्ट) की गंभीर धाराएं लग सकती हैं।

एयरपोर्ट पर ‘अमचूर’ ले जाना पड़ेगा भारी, लग सकती है ड्रग तस्करी की धारा; हाई कोर्ट के इस फैसले ने सबको चौंकाया

ऐसा ही एक खौफनाक और चौंकाने वाला मामला मध्य प्रदेश में सामने आया है, जहां एयरपोर्ट की मशीन की एक तकनीकी खराबी के कारण एक निर्दोष इंजीनियर को 57 दिनों तक जेल की हवा खानी पड़ी थी। अब इस मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक खोत की एकलपीठ ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पीड़ित को 10 लाख रुपये का हर्जाना देने का आदेश जारी किया है।

क्या था पूरा मामला? (जब अमचूर बन गया ‘हेरोइन’)

यह अजीबोगरीब घटना ग्वालियर के रहने वाले इंजीनियर अजय सिंह के साथ हुई थी। साल 2010 में वे दिल्ली जाने के लिए भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पहुंचे थे। सुरक्षा जांच (Security Check) के दौरान उनके पास मौजूद बैग को जब स्कैनर से गुजारा गया, तो वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों के होश उड़ गए।

  • मशीन का गलत अलार्म: अजय सिंह के बैग में घर का पिसा हुआ ‘अमचूर पाउडर’ (खटाई) रखा था। लेकिन एयरपोर्ट पर लगी एक्सप्लोसिव ट्रेस डिटेक्टर (ETD) मशीन ने तकनीकी खराबी के कारण उस अमचूर को ‘हेरोइन और अन्य प्रतिबंधित ड्रग्स’ के रूप में डिटेक्ट कर लिया और रेड अलार्म बजा दिया।

  • बिना जांच सीधे जेल: सुरक्षा एजेंसियों ने बिना कोई मानवीय सूझबूझ दिखाए या मौके पर कोई रासायनिक टेस्ट किए, इंजीनियर अजय सिंह को खतरनाक ड्रग तस्कर मान लिया। उन पर तत्काल एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया।

57 दिन बाद फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट ने सबको चौंकाया

इंजीनियर अजय सिंह लगातार जेल के अंदर से चिल्लाते रहे कि साहब, वह नशा नहीं बल्कि सब्जी में डालने वाला अमचूर मसाला है, लेकिन सिस्टम ने उनकी एक न सुनी। आखिरकार, कोर्ट के आदेश पर जब उस पाउडर को जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) भेजा गया, तो 57 दिनों के बाद आई रिपोर्ट ने पुलिस और एयरपोर्ट प्रशासन के पैरों तले जमीन खिसका दी। फॉरेंसिक जांच में आधिकारिक तौर पर पुष्टि हुई कि वह कोई मादक पदार्थ नहीं, बल्कि महज एक साधारण अमचूर पाउडर था।

16 साल की कानूनी लड़ाई के बाद मिला न्याय

जेल से रिहा होने के बाद अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा, करियर को हुए नुकसान और मानसिक प्रताड़ना के खिलाफ अजय सिंह ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पूरे 16 साल चली इस कानूनी लड़ाई के बाद अब हाई कोर्ट ने माना कि यह सुरक्षा एजेंसियों की घोर और अक्षम्य लापरवाही थी।

न्यायमूर्ति दीपक खोत की एकलपीठ ने सरकार को आदेश दिया है कि पीड़ित इंजीनियर को मानसिक पीड़ा और मानहानि के मुआवजे के रूप में 10 लाख रुपये का भुगतान किया जाए। यह फैसला देश के सभी हवाई अड्डों के लिए एक कड़ा सबक है कि वे केवल मशीनों के भरोसे किसी निर्दोष की जिंदगी और आजादी से खिलवाड़ न करें।

एयरपोर्ट पर ‘अमचूर’ ले जाना पड़ेगा भारी, लग सकती है ड्रग तस्करी की धारा; हाई कोर्ट के इस फैसले ने सबको चौंकाया

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि