देश में नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद विधि शिक्षा में बदलाव शुरू: IPC, CrPC की जगह पाठ्यक्रम में शामिल होंगे BNS, BNSS और BSA
जबलपुर, yashbharat.com। देशभर में नए आपराधिक कानूनों के विधिवत लागू होने के बाद अब विधि (Law) शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। भारतीय दंड संहिता (IPC), दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) के स्थान पर लागू किए गए नए कानूनों को अब विधि की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं के पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है।
पुराने कानूनों की जगह लेंगे नए भारतीय कानून
जबलपुर स्थित रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) सहित प्रदेश व देश के प्रमुख विधि संस्थानों में नए कानूनों के तहत सिलेबस अपडेट किया जा रहा है:
भारतीय न्याय संहिता (BNS): अब छात्र अंग्रेजों के जमाने की ‘भारतीय दंड संहिता (IPC)’ की जगह ‘भारतीय न्याय संहिता’ के प्रावधानों का अध्ययन करेंगे।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS): ‘दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC)’ के स्थान पर ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ की प्रक्रियाओं को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जा रहा है।
भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA): पुराने साक्ष्य अधिनियम की जगह नया ‘भारतीय साक्ष्य अधिनियम’ पढ़ाया जाएगा, जिसमें डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को प्राथमिकता दी गई है।
वकीलों, छात्रों और प्रोफेसरों के लिए आयोजित होंगे ओरिएंटेशन सेशन
नया पाठ्यक्रम तैयार: विधि विशेषज्ञों और बार काउंसिल के दिशा-निर्देशों के अनुसार नया स्टडी मटीरियल और सिलेबस तैयार किया जा रहा है।
व्यावहारिक प्रशिक्षण पर जोर: नए कानूनों की धाराओं, तकनीकी बारीकियों और डिजिटल फॉरेंसिक जैसे विषयों को समझाने के लिए कॉलेजों में विशेष कार्यशालाएं (Workshops) और ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किए जा रहे हैं।












