कटनी में बिना FSSAI लाइसेंस के चल रही फैक्ट्री पर एडीएम कोर्ट सख्त, अन्नपूर्णा इंडस्ट्रीज के मालिक पर 25,000 का जुर्माना
कटनी में बिना FSSAI लाइसेंस के चल रही फैक्ट्री पर एडीएम कोर्ट सख्त, अन्नपूर्णा इंडस्ट्रीज के मालिक पर 25,000 का जुर्माना। मध्य प्रदेश के कटनी जिले में मिलावटखोरों और बिना वैध दस्तावेजों के खाद्य व्यापार करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन का हंटर चला है।
कटनी में बिना FSSAI लाइसेंस के चल रही फैक्ट्री पर एडीएम कोर्ट सख्त, अन्नपूर्णा इंडस्ट्रीज के मालिक पर 25,000 का जुर्माना
न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (ADM) श्री नीलांबर मिश्रा के न्यायालय ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम (FSSAI) के नियमों का उल्लंघन करने के मामले में एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कटनी के इंदिरा नगर स्थित ‘अन्नपूर्णा इंडस्ट्रीज’ के मालिक पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड (जुर्माना) अधिरोपित किया है। यह कार्रवाई प्रतिष्ठान द्वारा बिना किसी वैध और कानूनी लाइसेंस के खाद्य कारोबार संचालित करने के चलते की गई है।
औचक निरीक्षण में खुली थी पोल, मैनेजर नहीं दिखा पाया था लाइसेंस
इस पूरे मामले की शुरुआत पिछले साल हुई थी, जिसकी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सजा सुनाई गई है:
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क्या था मामला: 25 जून 2025 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी ब्रजेश कुमार विश्वकर्मा ने अपनी टीम के साथ इंदिरा नगर स्थित अन्नपूर्णा इंडस्ट्रीज का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया था।
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मैनेजर रहा असमर्थ: जांच के दौरान टीम ने मौके पर मौजूद मैनेजर मनोज यादव से प्रतिष्ठान का वैध खाद्य लाइसेंस (Food License) दिखाने को कहा, लेकिन मैनेजर कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत करने में पूरी तरह असमर्थ रहा।
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मालिक पर दर्ज हुआ केस: जांच में पता चला कि इस इंडस्ट्री के वास्तविक मालिक आकाश कुमार गुप्ता हैं, जो निरीक्षण के समय वहां मौजूद नहीं थे। बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार का संचालन करना खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 की धारा 26(2)(iii) और 31(1) का सीधा उल्लंघन था, जिसके बाद मामला एडीएम कोर्ट में दर्ज कराया गया।
मालिक ने मानी गलती; कोर्ट ने धारा 58 के तहत सुनाया फैसला
मामला दर्ज होने के बाद एडीएम कोर्ट द्वारा प्रतिष्ठान मालिक आकाश कुमार गुप्ता को समन जारी कर सुनवाई के लिए बुलाया गया।
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स्वीकार की भूल: सुनवाई के दौरान मालिक आकाश कुमार गुप्ता ने कोर्ट के सामने अपनी गलती स्वीकार की और बताया कि समय पर लाइसेंस प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाने के कारण यह चूक हुई। उन्होंने न्यायालय से नरमी बरतने की अपील भी की।
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अदालत का फैसला: सभी दस्तावेजों और गवाहों के परीक्षण के बाद, एडीएम न्यायालय ने नियमों की अनदेखी को गंभीर मानते हुए अधिनियम की धारा 58 के तहत संचालक को दोषी ठहराया और 25,000 रुपये का जुर्माना लगा दिया।
30 दिनों के भीतर ट्रेजरी में जमा करनी होगी राशि
अदालत ने अनावेदक (मालिक) को आदेश दिया है कि वह जुर्माने की यह 25 हजार रुपये की राशि निर्धारित ट्रेजरी चालान (हेड क्रमांक 0210 चिकित्सा एवं लोक स्वास्थ्य) के माध्यम से 30 दिनों के भीतर सरकारी खाते में जमा करे और उसकी रसीद कोर्ट में प्रस्तुत करे। एडीएम कोर्ट ने साफ चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर जुर्माने की राशि जमा नहीं की गई, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 96 के तहत कुर्की या अन्य कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से कटनी के अन्य बिना लाइसेंस और अवैध रूप से खाद्य प्रतिष्ठान चलाने वाले कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

