Monday, May 11, 2026
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पाकिस्तान में नया ‘खूनी’ आगाज: ‘इत्तिहाद-उल-मुजाहिदीन’ ने बन्नू में 15 सैनिकों को उतारा मौत के घाट; जानें कौन है यह नया आतंकी संगठन जिसने मचाया कोहराम

पाकिस्तान में नया ‘खूनी’ आगाज: ‘इत्तिहाद-उल-मुजाहिदीन’ ने बन्नू में 15 सैनिकों को उतारा मौत के घाट; जानें कौन है यह नया आतंकी संगठन जिसने मचाया कोहराम। आर्थिक कंगाली से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए सुरक्षा मोर्चे पर रविवार का दिन ‘ब्लैक संडे’ साबित हुआ। खैबर पख्तूनख्वाह के बन्नू (Bannu) इलाके में एक साल पुराने आतंकी संगठन इत्तिहाद-उल-मुजाहिदीन ने आत्मघाती हमले (Suicide Attack) के जरिए पाकिस्तान के 15 सैनिकों की हत्या कर दी। यह इस साल का अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है।

पाकिस्तान में नया ‘खूनी’ आगाज: ‘इत्तिहाद-उल-मुजाहिदीन’ ने बन्नू में 15 सैनिकों को उतारा मौत के घाट; जानें कौन है यह नया आतंकी संगठन जिसने मचाया कोहराम

तीन आतंकी गुटों के मेल से बना ‘नया काल’

बीबीसी मॉनिटरिंग के अनुसार, इस संगठन की स्थापना ठीक एक साल पहले 11 अप्रैल 2025 को हुई थी। यह संगठन तीन छोटे लेकिन खतरनाक गुटों के विलय का नतीजा है:

  • इस्लामिक क्रांति
  • लश्कर-ए-इस्लाम
  • हाफिज गुल बहादुर समूह (जिसे कभी पाक सरकार ‘गुड तालिबान’ कहती थी)

क्यों खतरनाक है ‘इत्तिहाद-उल-मुजाहिदीन’?

  • बिना सिर का संगठन: सेना के ऑपरेशन और टार्गेट किलिंग से बचने के लिए इस संगठन ने अपना कोई एक सरगना (Leader) घोषित नहीं किया है।
  • कट्टरपंथी मकसद: टीटीपी की तरह इनका लक्ष्य भी पाकिस्तान में कट्टर इस्लामी शासन स्थापित करना है।
  • डिजिटल प्रोपेगेंडा: यह संगठन टेलीग्राम पर पश्तो, उर्दू और अंग्रेजी में सक्रिय है। महमूदुल हसन को इसका प्रवक्ता बताया जा रहा है।
  • खुफिया रणनीति: एक साल तक केवल प्रचार वीडियो के जरिए धमकी देने के बाद, इसने सीधे सैन्य ठिकाने पर बड़ा हमला कर अपनी ताकत दिखाई है।

पाकिस्तान का ‘पुराना राग’ और अफगानिस्तान पर आरोप

हमले के तुरंत बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इसके तार अफगानिस्तान से जोड़ने की कोशिश की है। पाकिस्तान का दावा है कि अफगानिस्तान की सरजमीं का इस्तेमाल कर इन आतंकियों को खाद-पानी दिया जा रहा है। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि यह हमला उस बन्नू इलाके में हुआ है, जिसे पाकिस्तानी सेना पूरी तरह अपने नियंत्रण में होने का दावा करती थी।

TTP और BLA के बीच नया सिरदर्द

हाल के दिनों में अफगानिस्तान के साथ कुछ समझौतों के कारण टीटीपी के हमलों में कमी आई थी, लेकिन ‘इत्तिहाद-उल-मुजाहिदीन’ के इस खूनी आगाज ने सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि अब यह संगठन पाकिस्तान में टीटीपी की जगह लेने की कोशिश करेगा।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि