सरकार का बड़ा एलान: यूपीएस पर मिलेगी यह सुविधा, जानें डिटेल्स
सरकार का बड़ा एलान: यूपीएस पर मिलेगी यह सुविधा, जानें डिटेल्स

सरकार का बड़ा एलान: यूपीएस पर मिलेगी यह सुविधा, जानें डिटेल्स। सरकारी कर्मचारियों के लिए एक रिवाइज्ड पेंशन स्कीम शुरू करने के पांच महीने बाद, केंद्र सरकार ने शनिवार को बजट से कुछ दिन पहले आधिकारिक तौर पर यूनिफाइड पेंशन स्कीम यानी यूपीएस का गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. यह योजना 1 अप्रैल, 2025 से लागू होगी. अगस्त में लॉन्च की गई यूपीएस पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) और राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) के बीच संतुलन बनाती है, जो सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद गारंटीड पेंशन प्रदान करती है, जिससे उनकी फाइनेंशियल सेफ्टी सुनिश्चित होती है।
सरकार का बड़ा एलान: यूपीएस पर मिलेगी यह सुविधा, जानें डिटेल्स
वहीं दूसरी ओर नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के अध्यक्ष यूपीएस की आलोचना करते हुए नजर आ रहे हैं. उनका कहना है कि इससे सरकारी कर्मचारियों का फायदा कम और नुकसान ज्यादा होगा. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर सरकार की ओर से जो गजट नोटिफिकेशन जारी किया है, उसे समझते हैं.
यूपीएस के लिए शर्तें
यह योजना केवल केंद्र सरकार के उन कर्मचारियों पर लागू होगी जो एनपीएस के अंतर्गत आते हैं और यूपीएस विकल्प चुनते हैं. नोटिफिकेशन के अनुसार, मौजूदा केंद्र सरकार के कर्मचारी, साथ ही भविष्य के कर्मचारी, या तो एनपीएस के तहत यूपीएस विकल्प लेना चुन सकते हैं या यूपीएस विकल्प के बिना एनपीएस जारी रख सकते हैं.
नोटिफिकेशन में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि यूपीएस विकल्प का उपयोग करने वाले लोग किसी अन्य पॉलिसी रियायत, पॉलिसी चेंज, फाइनेंशियल बेनिफिट, या बाद के रिटायर्ड लोगों के साथ किसी अन्य समानता आदि के हकदार नहीं होंगे और दावा नहीं कर सकते हैं.
कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन के नेतृत्व में एक हाई लेवल पैनल की सिफारिशों के बाद तैयार की गई इस योजना ने पहले घोषणा की थी कि जो कर्मचारी एनपीएस के अंतर्गत आते है और पहले ही रिटायर हो चुके हैं, उन्हें भी यूपीएस द्वारा कवर किया जाएगा. मौजूदा नोटिफिकेशन में कहा गया है कि पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ऐसे रिटयर्ड के लिए एक सिस्टम निर्धारित करेगा जो यूपीएस का विकल्प चुनते हैं.
कुछ ऐसा होगा पेमेंट कैलकुलेशंस
फुल एश्योर्ड पेआउट: यह 25 या अधिक वर्षों से ज्यादा सर्विस देने वाले कर्मचारियों के लिए होगा. उन्हें पिछले 12 महीनों में उनके औसत मूल वेतन की 50 फीसदी सुनिश्चित पेंशन मिलेगी.
आनुपातिक भुगतान: यह 25 वर्ष से कम सर्विस वाले कर्मचारियों के लिए होगा.
मिनिमम गारंटीड पेंशन: कम से कम 10 साल की योग्यता सेवा वाले कर्मचारियों को प्रति माह 10,000 रुपए की सुनिश्चित पेंशन मिलेगी.
ये भी होंगे बेनिफिट
नोटिफाइड यूपीएस सरकारी कर्मचारियों को महंगाई के रुझान के अनुरूप सेवारत कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते के समान ‘आवधिक महंगाई राहत’ का आश्वासन देता है. यह योजना किसी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में उसकी पेंशन के 60 फीसदी के बराबर पारिवारिक पेंशन और ग्रेच्युटी बेनिफिट के अलावा रिटायरमेंट के समय एकमुश्त रिटायरमेंट पेआउट का भी आश्वासन देती है.
हो रहा है विरोध
वहीं दूसरी ओर पेंशनर्स संगठन की ओर से यूपीएस के नियमों का विरोध भी हो रहा है. नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल का कहना है कि नोटिफिकेशन में उन बदलावों का जिक्र नहीं किया गया है, जो संगठन की ओर से डिमांड की गई थी. नोटिफिकेशन जारी करने को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट से पहले इसे जारी कर अपने पांव पर खुद कुल्हाड़ी मार ली है. यूपीएस लागू करने से पहले संगठन की ओर से की ओर से कुछ डिमांड रखी गई थी. उन्हें सरकार की ओर से नहीं माना गया है. सबसे बड़ी डिमांड तो यही थी कि यूपीएस में 25 साल के सर्विस लॉकइन को घटाकर पहले की तरह 20 साल किया जाए.
कर्मचारियों की ओर से की गई थी ये डिमांड
संगठन की ओर से सबसे बड़ी डिमांड ये थी कि पेंशन के लिए सरकार 25 वर्ष के लॉकइन को घटाकर 20 वर्ष करें. साथ ही एनपीएस एवं ओपीएस की तरह वॉलेटरी रिटायरमेंट की परमीशन दे. वहीं दूसरी ओर अगर को वीआरएस लेता है तो उसकी पेंशन तुरंत लागू हो. नोटिफाइड यूपीएस में नियम बनाया गया है कि वीआरएस के बाद तुरंत पेंशन नहीं मिलेगी. उसे रिटारमेंट एज का इंतजार करना पड़ेगा. वहीं कर्मचारियों की ओर से डिमांड की गई है कि एकमुश्त अमाउंट की जगह पर कर्मचारी अंशदान की ब्याज सहित वापसी करे.







