6 लाख युवाओं का का सपना क्या इस विधानसभा चुनाव में होगा साकार?
जबलपुर। नगर प्रतिनिधि विधानसभा चुनाव 2018 में 48 हजार 416 नए मतदाता पहली बार वोटिंग करेंगे। 7 विधानसभा क्षेत्रों में 5,76,923 युवा मतदाता हैं । भारत में हर साल कहीं ना कहीं चुनाव होता है, ऐसे में तमाम चुनावी पार्टियों की साख हर वक्त किसी ना किसी जगह पर साख पर लगी रहती है। हाल ही में उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद तमाम सियासी समीकरण सामने आ रहे हैं। तमाम सियासी दल 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति बना रहे हैं। एक तरफ जहां 25 साल बाद यूपी में सपा-बसपा साथ आए तो दूसरी तरह दूसरे राज्यों में भी विपक्षी दल भाजपा के खिलाफ लामबंदी करते नजर आ रहे हैं।
युवा वोटर अहम
हाल ही में हुए तमाम चुनावों के बाद एक बात बिल्कुल साफ है कि जबलपुर राजनीति में कुछ भी निश्चित न हीं है। एक तरफ जहां भाजपा ने पूर्वोत्तर के राज्यों में पहली बार जीत दर्ज की तो दूसरी तरफ भाजपा का कब्जा था वहां पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में आने वाले 2018के जबलपुर विधानसभा चुनाव को लेकर कुछ भी निश्चित तौर पर कहना बिल्कुल भी संभव नहीं है। किसी भी वक्त वोटर अपने भरोसे को एक दले से हटाकर दूसरे दल में ले जा सकता है। लेकिन 2018के विधानसभाचुनाव में देश के युवा एक बड़ी भूमिका निभाने वाले हैं, यह निश्चित है।
6 लाख युवा मतदाता
2017 के आधार पर हर वर्ष तकरीबन 2 करोड़ युवा 18 वर्ष की उम्र को पार कर रहे हैं और मतदान में हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे में यह युवा वोटर किसी भी राजनीतिक दल के लिए काफी अहम है। राजनीतिक दलों के लिए सत्ता में बने रहने के लिए इन युवाओं को नजरअंदाज करना बिल्कुल भी खतरे से खाली नहीं है। 2018 चुनाव के दौरान तकरीबन 1.5 करोड़ ऐसे मतदाता होंगे जो पहली बार मतदान करेंगे। तथा 5,76,923युवा जबलपुर में है जोकि मतदान करने के लिए तैयार हैं
पीएम मोदी काफी लोकप्रिय
एक तरफ जहां भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2019 के लोकसभा चुनाव में अपने सबसे लोकप्रिय नेता के तौर पर पेश करेगी तो दूसरी तरफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की लोकप्रियता मोदी की तुलना में कम है। पीएम मोदी की युवाओं में काफी लोकप्रियता है। युवा वोटर्स मुख्य रूप से अपनी उम्र के करीब के नेता की ओर नहीं देखते हैं बल्कि वह ऐसे नेता की ओर देखते हैं जो उनकी आकांक्षाओं को पूरा कर सके। सोशल मीडिया के इस दौर में पीएम मोदी की लोकप्रियता काफी ज्यादा है, जबकि राहुल गांधी अभी भी सोशल मीडिया पर अपनी लोकप्रियता को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
पीएम मोदी काफी लोकप्रिय
एक तरफ जहां भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2019 के लोकसभा चुनाव में अपने सबसे लोकप्रिय नेता के तौर पर पेश करेगी तो दूसरी तरफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की लोकप्रियता मोदी की तुलना में कम है। पीएम मोदी की युवाओं में काफी लोकप्रियता है। युवा वोटर्स मुख्य रूप से अपनी उम्र के करीब के नेता की ओर नहीं देखते हैं बल्कि वह ऐसे नेता की ओर देखते हैं जो उनकी आकांक्षाओं को पूरा कर सके। सोशल मीडिया के इस दौर में पीएम मोदी की लोकप्रियता काफी ज्यादा है, जबकि राहुल गांधी अभी भी सोशल मीडिया पर अपनी लोकप्रियता को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
पेटीएम के अलावा कोई रोजगार नहीं
6 से 8 लाख युवाओं का शहर परंतु रोजगार के लिए सिर्फ एक ही संस्था पेटीएम। शहर के युवाओं की शिकायत है कि शहर में औद्योगिक क्षेत्र और यूनिवर्सिटीज बहुत सारी है परंतु दूसरे प्रदेशों के लोगों का दबदबा ज्यादा है बात करें अगर आईटी पार्क की तो सिर्फ एक ही संस्था है पेटीएम जोकि कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक कृष्ण तंखा की मेहनत से लाई गई है
युवाओं को रिझाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा
कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्या सिंधिया इस बात को मानते हैं कि उनकी पार्टी ने सोशल मीडिया को देर से समझा, लेकिन उन्हें इस बात का पूरा भरोसा है कि आने वाले समय में वह इस माध्यम का जबरदस्त प्रयोग करेंगे और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचेंगे। उनका कहना है कि हमारे पार्टी के अध्यक्ष और तमाम नेता सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं। हाल ही में हमने मध्य प्रदेश उपचुनाव के दौरान व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम से लेकर हर प्लेटफॉर्म पर अपनी सक्रियता बढ़ाई और युवाओं तक हम पहुंचे हैं।
भाजपा का भरोसा
वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि युवा मुस्लिम भाजपा की ओर आकर्षित हो रहे हैं, हम उन्हें सम्मान के साथ विकास दे रहे हैं। अब युवा मुस्लिम वोटर्स को बंटवारे का डर नहीं है। आने वाले समय में 4जी स्पीड इंटरनेट के साथ लोकसभा चुनाव काफी दिलचस्प होने वाला है। माना जा रहा है कि आगामी आम चुनाव सड़कों की बजाए फोन पर लड़ा जाएगा, युवा वोटर्स फोन पर कहीं अधिक राजनीति में सक्रिय होंगे।

