Wednesday, May 20, 2026
Latest:
Latest

मध्यप्रदेश के हर गांव में कुम्हारों के लिए आरक्षित होगी 5 एकड़ जमीन, राजस्व विभाग ने कलेक्टरों को दिए सख्त निर्देश

 

 

मध्यप्रदेश के सभी गाँवों में कुम्हारों को मिट्टी के बर्तन व ईंट-कवेलू बनाने हेतु 5-5 एकड़ जमीन आरक्षित करने के निर्देश राजस्व विभाग ने कलेक्टरों को दिए हैं। इन जमीनों से अतिक्रमण हटाकर राजस्व रिकॉर्ड में इसे ‘कुम्हार धाना’ के रूप में दर्ज किया जाएगा, जिससे पुश्तैनी व्यवसाय को संरक्षण मिले।

भोपाल(YASH BHARAT.COM)। राज्य शासन ने प्रदेश की पारंपरिक माटी कला को पुनर्जीवित करने और शिल्पकारों की समस्याओं को दूर करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राजस्व विभाग ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी कर स्पष्ट किया है कि प्रदेश के प्रत्येक गांव में ईंट भट्टे और मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कुम्हारों के लिए अनिवार्य रूप से भूमि आरक्षित की जाए।

माटी कला बोर्ड की मांग पर फैसला

दरअसल, सरकार द्वारा गठित माटी कला बोर्ड और विभिन्न संगठनों ने शासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया था कि गांवों में परंपरागत रूप से काम कर रहे कुम्हारों को जमीन की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। जगह के अभाव में कई परिवार अपने पुश्तैनी काम को छोड़ने पर मजबूर थे। इसी को ध्यान में रखते हुए शासन ने भूमि आरक्षण का निर्णय लिया है ताकि वे बिना किसी बाधा के अपना व्यवसाय संचालित कर सकें।

कलेक्टर करेंगे समीक्षा

राजस्व विभाग ने अपने ताजा निर्देश में कहा है कि इस संबंध में पूर्व में भी आदेश दिए गए थे। अब सभी जिलों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्र में हुई कार्रवाई की समीक्षा करें। विभाग ने साफ किया है कि जिन गांवों में अब तक जमीन आरक्षित नहीं हुई है, वहां तत्काल प्रक्रिया पूरी की जाए। ईंट और बर्तन बनाने के लिए उपयुक्त सरकारी भूमि का चयन कर उसे कुम्हारों के लिए सुरक्षित किया जाए।जिला प्रशासन सुनिश्चित करे कि इस आरक्षित भूमि पर कोई अन्य अतिक्रमण न हो।

स्वरोजगार बढ़ने की संभावना

इस कदम से न केवल ग्रामीण स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि लुप्त हो रही मिट्टी की कला को भी नया जीवन मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जमीन उपलब्ध होने से ईंट और मिट्टी के बर्तनों के उत्पादन में तेजी आएगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी।

Vivek Shukla

28 वर्ष से पत्रकारिता, क्राइम रिपोर्टर के रूप में लंबा अनुभव डिजिटल मीडिया में सक्रिय, खबरों का फॉलोअप तथा उसकी तह तक जाना वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में उप संपादक