30 लोग हैं खुफिया एजेंसियों के रडार पर: कनाडा के इस स्कूल में रची जा रही दिल्ली के लिए बड़ी साजिश!

30 लोग हैं खुफिया एजेंसियों के रडार पर: कनाडा के इस स्कूल में रची जा रही दिल्ली के लिए बड़ी साजिश! कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया स्थित एक स्कूल से भारत के खिलाफ बड़ी साजिश रची जा रही है। इस साजिश को आतंकी संगठन “सिख फॉर जस्टिस” की ओर से अंजाम दिया जा रहा है। खुफिया एजेंसियों को मिले इनपुट के आधार पर दो सितंबर को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे स्थित एक स्कूल में होने वाली साजिश के साथ जी-20 सम्मेलन में माहौल खराब किए जाने की पूरी रणनीति तैयार की जाएगी।
कनाडा से दोबारा जिंदा करने की तैयारियां
इसके लिए बाकायदा “सिख फॉर जस्टिस” (एसएफजे) की ओर से 30 लोगो को बड़ी अहम जिम्मेदारी भी दी गई है। इसके अलावा तीस साल पहले 1992 में मारे गए बब्बर खालसा के आतंकी तलविंदर सिंह बब्बर के मुद्दे को भी कनाडा से दोबारा जिंदा करने की तैयारियां शुरू हुई है। फिलहाल एसएफजे की साजिश की भनक खुफिया एजेंसियों को लग गई है।
सरे के तमनविस स्कूल में रची है साजिश
खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के संगठन सिख फॉर जस्टिस ने दिल्ली में होने वाली जी-20 सम्मेलन से पहले माहौल खराब करने की साजिश रचनी शुरू कर दी है। खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में होने वाली अहम बैठक से पहले सिख फॉर जस्टिस ने ब्रिटिश कोलंबिया के सरे स्थित तमनविस सेकेंडरी स्कूल में खालिस्तान जनमत संग्रह के नाम पर बड़ी भीड़ इकट्ठा करने की योजना बनाई है। इस स्कूल में दो सितंबर यानी शनिवार को सुबह खालिस्तान समर्थकों को बुलाकर जी-20 में शिरकत करने वाले देश के राष्ट्रध्यक्षो को चिट्ठी लिखे जाने का प्रस्ताव भी बनाया है। हालांकि खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, इस जनमत संग्रह के पीछे गुरुपतवंत सिंह पन्नू और उसके आतंकी संगठन पंजाब के आतंकियों को समर्थन देकर दिल्ली समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी साजिश रचने की योजना बना रहे हैं।
दिल्ली समेत पंजाब में माहौल बिगड़ने की यह साजिश
केंद्रीय खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्र बताते हैं कि सिर्फ ब्रिटिश कोलंबिया ही नहीं बल्कि कनाडा के कुछ अलग-अलग राज्यों में भी जी-20 के दौरान दिल्ली समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में माहौल खराब करने की साजिशों को रचे जाने की तैयारी की जा रही है। खुफिया एजेंसी को मिले इनपुट बताते हैं कि सरे के जिस स्कूल में इसी शनिवार को बड़ी साजिश रचने के लिए बैठक का आयोजन किया जा रहा है, उसके ठीक आठ दिन बाद यानी 10 सितंबर को एक बार फिर से इसी स्कूल में बड़ी बैठक बुलाई गई है। इसके पीछे माना यही जा रहा है कि कनाडा में बैठे खालिस्तानी आतंकियों के समर्थक जी-20 के समापन पर एक बार उन सभी राष्ट्रीय अध्यक्ष को फिर से चिट्ठी लिखेंगे जो भारत में शिरकत कर रहे हैं। इसके लिए बाकायदा दिल्ली से लेकर पंजाब में सिख फॉर जस्टिस के आतंकियों के स्लीपर सेल को एक्टिव किया जा चुका है।
वैंकूवर के एक गुरुद्वारे में भी पन्नू ने बुलाई भीड़
कनाडा के सिर्फ ब्रिटिश कोलंबिया में ही नहीं बल्कि वैंकूवर के गुरुद्वारे में भी खालिस्तान समर्थकों को बुलाया गया है। खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक 10 सितंबर को वैंकूवर के गुरुनानक दरबार गुरुद्वारा में जनमत संग्रह के लिए होने वाली वोटिंग के नाम पर बड़ी भीड़ को बुलाया गया है। इसके लिए बाकायदा सिख फॉर जस्टिस और गुरपतवंत सिंह पन्नू की ओर से एक माहौल खराब करने वाला पोस्टर भी जारी किया गया है। इस दौरान खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्झर समेत बब्बर खालसा के आतंकी रहे तलविंदर सिंह बब्बर की मौत का बदला लेने के लिए लोगों को उकसाया जा रहा है। कनाडा के अलग-अलग जगह पर लगाए गए पोस्टरों में दोनों आतंकियों की तस्वीर का भी इस्तेमाल किया गया है। खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जी-20 के दौरान अपनी साजिशों को आगे बढ़ाने के चलते ही सिख फॉर जस्टिस समेत खालिस्तान समर्थक इस तरह की साजिश है रच रहे हैं।
एजेंसियों ने इन सभी तीस लोगों की लिस्ट तैयार कर ली
कनाडा के अलग-अलग राज्यों में भारत के खिलाफ रची जाने वाली साजिश में तीस प्रमुख लोगों की पहचान भी की गई है। खुफिया एजेंसियों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि यह सभी 30 लोग पंजाब के अलग-अलग शहरों से सीधे तौर पर ताल्लुक रखते हैं और इस वक्त कनाडा में रह रहे हैं। एजेंसी को मिले इनपुट बताते हैं कि यह सभी लोग सिख फॉर जस्टिस समेत अफगानिस्तान को सपोर्ट करने वाले आतंकी समूहों के बड़े हैंडलर भी हैं। फिलहाल एजेंसियों ने इन सभी तीस लोगों की न सिर्फ लिस्ट तैयार कर ली है बल्कि इनका पूरा कच्चा चिट्ठा भी दिल्ली और पंजाब से जुड़े लोगों के लिहाज से तैयार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, इनमें से कुछ हैंडलर ऐसे भी है जो बीते कुछ दिनों में पंजाब में न सिर्फ आए हैं बल्कि अभी भी लगातार यहां के अपने नेटवर्क के संपर्क में बने हुए हैं। फिलहाल खुफिया एजेंसियां उन सभी लोगों को अपने रडार पर लेकर पूरी जानकारियां इकट्ठा कर रही हैं।







