20 साल पुराने फार्मूले के जरिए राजनीतिक वनवास खत्म करेगी कांग्रेस.!
अपने कर्मचारी संगठनों को सक्रिय करने के साथ कमलनाथ ने प्रदेश के दूसरे कर्मचारी संगठनों को अपने पक्ष में करने के निर्देश दिए हैं. कांग्रेस ऐसा इसलिए कर रही है, क्योंकि कर्मचारी वर्ग में कांग्रेस की छवि पहले से ठीक नहीं है. ऐसे में बीस साल पहले अपनाए गए फॉर्मूले के तहत फिर से कर्मचारी संगठनों से संपर्क किया जा रहा है.
कांग्रेस नेता कर्मचारी संगठनों से संपर्क कर उनकी मांगों को सुनने के साथ चुनावी वादे भी कर रही है. बताया जा रहा है कि जब कांग्रेस की सरकार थी, तब कांग्रेस संगठन ने प्रदेश के कई बड़े कर्मचारी संगठनों का समर्थन हासिल किया था. लेकिन कर्मचारियों की अनदेखी करने की वजह से कांग्रेस को सत्ता से बाहर भी होना पड़ा था.
कांग्रेस मीडिया सेल के चैयरमेन मानक अग्रवाल का कहना है कि कांग्रेस कर्मचारी संगठनों से संपर्क में है और उनका प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन भी मिल रहा है. उन्होंने बताया कि कर्मचारी संगठनों के साथ चुनावी साल में जमीनी पकड़ बनाने के लिए सेवादल को भी सक्रिय कर दिया है. साथ ही पंचायत स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कांग्रेस संगठन गुजरात से कांग्रेस विधायक अल्पेश ठाकोर के ओएसएस एकता मंच के संपर्क में है.

