2 से 3 दिनों के बीच जोरदार बारिश की संभावना
मानसून डेस्क। दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य अरब सागर के शेष हिस्सों, कोंकण और मध्य महाराष्ट्र, उत्तरी अरब सागर और दक्षिण गुजरात के कुछ हिस्से और मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्से आगे बढ़ गया है।
मॉनसून की उत्तरी सीमा (एनएलएम) अब अब 21°उत्तरी अक्षांश / 60°पूर्वी देशांतर , 21°उत्तरी अक्षांश / 65°पूर्वी देशांतर, वेरावल, सूरत, इंदौर, मंडला, पेंड्रा, सुल्तानपुर, लखीमपुर खीरी, मुक्तेश्वर और 31°उत्तरी अक्षांश / 80°पूर्वी देशांतर से होकर गुजर रही है।
आगामी 2 से 3 दिनों के दौरान सक्रिय से जोरदार मानसून परिस्थितियों के कारण उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम और असम और मेघालय में अधिकांश स्थानों साथ कहीं-कहीं बहुत भारी से अति भारी वर्षा, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अधिकांश स्थानों वर्षा के साथ कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है.
एक कम दबाव का क्षेत्र 30 जून के आसपास उत्तरी बंगाल की खाड़ी और आसपास के सटे हुए क्षेत्रों में बनने की संभावना है।
25 से 29 जून के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून से सम्बद्ध तेज हवाएं और अशांत समुद्र दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-पूर्व अरब सागर में प्रबल होने की संभावना है. 28 एवं 29 जून के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून से सम्बद्ध तेज हवाएं और अशांत समुद्र पूर्व बंगाल की खाड़ी और उससे सटे अंडमान सागर में प्रबल होने की संभावना है.
औसत समुद्री तल पर द्रोणिका(ट्रफ) अब पंजाब से दक्षिण हरियाणा, दक्षिण उत्तर प्रदेश, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और असम होती हुई नागालैंड तक चलायमान है.
तटीय कर्नाटक और इससे सटे हुए क्षेत्रों पर स्थिति चक्रवाती परिसंचरण अब औसत समुद्र तल से 3.1 और 5.8 किमी ऊपर के बीच पूर्वी महाराष्ट्र और दक्षिण महाराष्ट्र से सटे अरब सागर पर बना हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुकाव है।
समुद्र तल से 3.1 और 3.6 किमी के बीच ऊपर एक पूर्व-पश्चिम अपरूपण क्षेत्र(ईस्ट-वेस्ट शियर जोन) मोटे तौर 16 °उत्तरी अक्षांश के साथ, उपरोक्त चक्रवाती परिसंचरण के आरपार मध्य पूर्ववर्ती अरब सागर और उससे सटे दक्षिण महाराष्ट्र पर चलायमान है।
दक्षिण गुजरात और आसपास के सटे हुए क्षेत्रों में स्थिति चक्रवाती परिसंचरण अब औसत समुद्र तल से 1.5 और 2.1 किमी के बीच ऊपर, गुजरात क्षेत्र और उत्तरी महाराष्ट्र मध्य के आस-पास के सटे हुए क्षेत्रों और पश्चिम मध्य प्रदेश पर स्थिति है.
औसत समुद्र तल से 3.1 और 3.6 किमी ऊपर के बीच, उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू एवं कश्मीर पर स्थित चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ कम चिह्नित हो गया है। हालाँकि, औसत समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर इसकी धुरी के साथ मोटे तौर पर 72 °पूर्वी देशांतर लेकर 30 °उत्तरी अक्षांश के साथ द्रोणिका(ट्रफ) बना हुआ है।
औसत समुद्र तल से 5.8 और 7.6 किमी ऊपर के बीच एक चक्रवाती परिसंचरण तमिलनाडु तट से बंगाल की दक्षिण-पश्चिम खाड़ी पर स्थित है।
एक चक्रवाती संचरण पंजाब और हरियाणा और उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के आसपास के क्षेत्रों में है और औसत समुद्र तल के ऊपर 3.1 किमी तक फैला हुआ है।
उपरोक्त मौसम परिस्थितियों के कारण मध्य प्रदेश का मौसम पूर्वानुमान
उपरोक्त मौसम परिस्थितियों के कारण आगामी 48 घंटों में पश्चिमी मध्य प्रदेश अच्छी वर्षा की तथा शेष मध्य प्रदेश में कहीं -कहीं वर्षा संभावना है. साथ ही 30 जून से 2 जुलाई के बीच पूर्वी भारत के साथ साथ पूर्वी मध्य प्रदेश में अधिकांश स्थान पर वर्षा के साथ साथ कहीं-कहीं भरी वर्षा तथा शेष मध्य प्रदेश में कहीं -कहीं वर्षा की संभावना है. आगामी 24 घंटों के दौरान उत्तर पश्चिम मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं के हिस्सों में अधिकतम तापमानों में २ से 3 डिग्री की बृध्दि कई संभावना है तथा शेष मध्य प्रदेश में विशेष परिवर्तन नहीं होगा।

