हर महीने के पहले मंगलवार को मनेगा राजस्व दिवस

जबलपुर । राज्य शासन ने हर महीने के पहले मंगलवार को राजस्व दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने और नागरिकों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।

राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता द्वारा प्रदेश में सभी राजस्व न्यायालय में एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों की सूची तैयार कर आपसी सहमति से निराकरण कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। जिसके लिए सभी को प्रयास करना होगा।

यदि आपसी सहमति से निराकृत नहीं हो पाते, तो 10 दिन में तिथि निर्धारित कर गुण-दोष के आधार पर प्रकरण निराकृत करने होंगे। राजस्व दिवस मनाने का उद्देश्य एक वर्ष से अधिक समय के सभी प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करना है।

नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा राजस्व दिवस में ही की जाएगी। जिन प्रकरणों में स्थल निरीक्षण जरूरी है उनमें तिथि निर्धारित कर शीघ्र ही निरीक्षण करवाया जाएगा। राजस्व दिवस पर एक माह से अधिक की समयावधि से लंबित हर प्रकरण का संक्षिप्त प्रतिवेदन लिया जाएगा।

त्वरित निराकरण वाले राजस्व मामले जैसे आदेशों की प्रविष्टि पोर्टल पर करना, खसरा, नक्शा, राजस्व प्रकरण की नकल देना, ऋण पुस्तिका प्रदान करना, प्रमाण-पत्र बनाया जाना आदि प्रकरणों का निराकरण राजस्व दिवस के दिन ही होगा। पीठासीन अधिकारियों द्वारा विगत माह में राजस्व प्रकरणों में पारित आदेशों के अमल की समीक्षा की जाएगी।

हर राजस्व दिवस पर सभी पीठासीन अधिकारी क्षेत्र के तहत सीएम हेल्पलाइन के 5 प्रकरण जिनमें आवेदक द्वारा असंतुष्टी दर्ज कराई गई है, की व्यक्तिगत सुनवाई करेंगे।

कलेक्टर को निर्देशित किया गया है कि राजस्व दिवस पर सभी पीठासीन अधिकारियों एवं अधीनस्थ राजस्व अमले को अन्य सभी कार्यों से मुक्त रखा जाए। राजस्व दिवस पर सभी राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी बस्ता सहित तहसील मुख्यालय पर उपस्थित रहेंगे।

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