इंदौर खेड़ापति मंदिर विवाद- अपर कलेक्टर ने स्वत: संज्ञान लेते हुए पुनरीक्षण किया

इंदौर कलेक्टर कार्यालय द्वारा प्रेस को बताया गया कि खेड़ापति मंदिर के तत्कालीन पुजारी महंत रामकृष्णदास गुरू जगन्नाथ दास द्वारा अवैध कब्जा किया गया था।
उक्त प्रकरण में तहसीलदार जूनी इंदौर को शासन हित में मध्यप्रदेश भू राजस्व संहिता, 1959 की धारा 248 के अंतर्गत निराकरण किया जाना था।
जो उनके द्वारा नहीं किया जाना पाया गया। तब उक्त प्रकरण को अपर कलेक्टर श्री पवन जैन द्वारा स्वत: संज्ञान में लेते हुये पूरे मामले का पुनरीक्षण किया गया।