स्कूल में नाटक, गोडसे को संघ की ड्रेस पहना कर मंचन, जबलपुर में मचा बवाल
जबलपुर। महात्मा गांधी की जयंती के मौके पर स्मॉल वंडर सीनियर सेकंडरी स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, स्कूल में एक नाटक का मंचन किया गया था, जिसमें एक छात्र सफेद शर्ट-खाकी पेंट और सिर में टोपी पहनकर गांधी की वेशभूषा में खड़े एक छात्र को गोली मारने की पोजीशन में है और इसकी फोटो सोशल मीडिया में वायरल हो गई है।
इस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों ने आपत्ति दर्ज कराते हुए स्कूल प्रबंधन के खिलाफ लार्डगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई। दरअसल, संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि स्मॉल वंडर सीनियर सेकंडरी स्कूल में एक छात्र को आरएसएस की पोशाक पहनाकर उससे नाथूराम गोडसे का मंचन कराया गया
पदाधिकारियों ने विरोध दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि यह सब जानबूझकर किया गया है। इधर, स्कूल प्रबंधन ने तर्क दिया है कि स्कूली बच्चों ने यह गलती जानबूझकर नहीं की है, उनसे भूलवश ऐसा हुआ है, बच्चों से खाकी यूनिफार्म में नाटक का मंचन करने के लिए कहा गया था परंतु बच्चों ने खाकी पेंट और सफेद शर्ट पहनकर नाटक में हिस्सा लिया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि स्मॉल वंडर सीनियर सेकंडरी स्कूल में गांधी जयंती के मौके पर एक नाटक का मंचन किया गया। इसमें एक स्कूली छात्र को नाथूराम गोडसे बनाया गया जिसे संघ की पोशाक पहनाई गई है। नाटक में आरएसएस की पोशाक पहने छात्र बंदूक लिए हुए गांधी जी बने एक छात्र को गोली मार रहा है।
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि इस मुद्दे को जबरन बढ़ाया जा रहा है। स्कूल में किसी भी तरह का नाटक नहीं हुआ और न ही किसी संघ को आहत करने के उद्देश्य से यह सब किया गया। स्कूल में झांकी बनाई गई थी, एक छात्र को खाकी ड्रेस में आने को कहा गया था परंतु छात्र सफेद शर्ट और खाकी पेंट में पहुंच गया। छात्र जो यूनिफार्म पहना था उसमें न डंडा था और न ही बेल्ट, इससे ये नहीं कहा जा सकता कि ये यूनिफार्म आरएसएस की है।

