जबलपुर। केन्द्र सरकार के सेवा निवृत्त कर्मचारी जो सीजीएचएस की सुविधा तो लेना चाहते हैं लेकिन उनके क्षेत्र में सीजीएचएस की सुविधा नहीं है। ऐसे सेवा निवृत्त कर्मचारियों को प्रतिमाह चिकित्सा भत्ता प्राप्त होगा। यह उन सेवा निवृत्त कर्मचारियों को बहुत बड़ी राहत प्रदान करेगा। जहां सीजीएचएस द्वारा संचालित स्वास्थ्य केन्द्र नहीं है।
एआईडीईएफ के प्रयास से सुविधा विहीन क्षेत्र को विशेष सुविधा
इस मुद्दे को ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लाइज फेडरेशन ने सरकार के सम्मुख उठाया। फलस्वरूप सरकार ने उक्त सुविधा की घोषणा की। ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एनएन पाठक ने बताया कि पहले भी कर्मचारियों को दो विकल्प होते थे कि वे या तो सीजीएचएस की सुविधा ले या फिर प्रतिमाह चिकित्सा भत्ता प्राप्त करें।
ऐसे में जो कर्मचारी ऐसे क्षेत्रों में रहते हैं जहां सीजीएचएस द्वारा संचालित स्वास्थ्य केन्द्र नहीं है मगर वे सीजीएचएस की सुविधा लेना चाहते हैं तो उन्हें विकल्प का लाभ नहीं मिल पाता था। एआईडीईएफ ने इस मुद्दे को सरकार के सम्मुख उठाते हुए तर्क दिया था कि सेवा निवृत्ति के बाद ऐसे कर्मचारी को चिकित्सा सुविधा पाने का अधिकार है। इसके लिए उनके द्वारा निर्धारित शुल्क भी जमा किया जाता है। लंबे विचार विमर्श के बाद ऐसा निर्णय लिया गया कि सुविधा विहीन क्षेत्र में रहने वाले सेवा निवृत्त कर्मचारियों को सेवा निवृत्ति के दौरान उनके ग्रेड के अनुसार परिवर्तनीय किंतु हर माह निश्चित राशि चिकित्सा भत्ता के रूप में उनकी पेंशन के साथ प्रदाय की जाएगी। इसके लिए पेंशन जारी करने वाले अधिकारी पेंशन धारी से स्वीकृति लेकर उनके पेंशन पे आर्डर में चाही गई सुविधा दर्ज करेंगे। इस सुविधा को बड़ी उपलब्धि बताते हुए श्रमिक संघ (हथौड़ा) जीसीएफ के श्रमिक नेता मिठाईलाल रजक, ए के वर्मा, जेसीएम सदस्य & संजय सिंह, अनिल मेहरोत्रा, के के वर्मा शरद बोरकर, रोहित यादव, आशीष विश्वकर्मा, राजा पांडे, गोपाल आनन्द बीरबल, कुमार संजय, रवि चौधरी, रितेश बेन, विनय गुप्ता एवं अमित गुप्ता आदि ने हर्ष व्यक्त किया है।