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सिंधिया और पायलट की मुलाकात, भाजपा ने होली के दिन शाम 7 बजे सभी विधायकों को भोपाल बुलाया

भोपाल. मध्य प्रदेश में चल रहे सियासी ड्रामे में सोमवार को बड़ी उथल-पुथल सामने आई। ज्योतिरादित्य सिंधिया गुट के 7 मंत्रियों समेत 17 विधायक दिल्ली और बेंगलुरु पहुंच गए हैं। इनके फोन बंद आ रहे हैं।

इस बीच सिंधिया और सचिन पायलट के बीच भी चर्चा हुई है। आपको बता दें कि एमपी की तरह ही राजस्थान में भी सचिन पायलट नाराज बताए जा रहे हैं।

सिंधिया की भाजपा से नजदीकियां की चर्चा भी चलने लगीं है। उनकी पीएम मोदी से मुलाकात की चर्चाएं भी सामने हैं।

खबर लगते ही मुख्यमंत्री कमलनाथ दिल्ली से भोपाल लौट आए हैं।उन्होंने तुरंत बैठक बुलाई। बताया जा रहा है कि कांग्रेस में बगावत के संकेत देखते हुए भाजपा विधानसभा सत्र की शुरुआत में कमलनाथ सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकती है। भाजपा ने मंगलवार को विधायक दल की बैठक भी बुलाई है।

कमलनाथ ने सिंधिया पर नहीं दिया कोई जवाब
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोमवार को दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष से कई मसलों पर चर्चा हुई है। उनका मार्गदर्शन मिला है, उसका पालन करूंगा। ज्योतिरादित्य सिंधिया को राज्यसभा भेजे जाने के सवाल पर कमलनाथ ने कोई जवाब नहीं दिया।

पिछले महीने बढ़ी कमलनाथ और सिंधिया के बीच तल्खी
कमलनाथ और सिंधिया के बीच फरवरी में वचनपत्र को लेकर सिंधिया के बयान के बाद तकरार बढ़ गई थी। जब सिंधिया ने कहा था कि वचन पत्र के वादे पूरे नहीं हुए तो सड़कों पर उतरूंगा। इस बयान के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था- उतर जाएं…। उस वक्त भी मुख्यमंत्री कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिले थे। बताया जा रहा था कि कमलनाथ ने सरकार पर सिंधिया के हमलों को लेकर नाराजगी जाहिर की थी।

मध्य प्रदेश में 26 मार्च को राज्यसभा की 3 सीटों का चुनाव, क्रॉस वोटिंग की आशंका
26 मार्च को मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव होना है। किसी भी पार्टी के प्रत्याशी को जीतने के लिए 58 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। कांग्रेस के पास अपने 114 विधायकों के अलावा सपा-बसपा और निर्दलियों समेत 121 विधायक हैं। ऐसे में कांग्रेस को दो सीट मिल सकती हैं। 107 सीट वाली भाजपा का एक सीट पर जीतना तय है। भाजपा दो सीटों पर उम्मीदवार उतारने की बात कर रही है। वोटिंग होना तय है, जिसमें कुछ विधायकों की क्रॉस वोटिंग से दोनों पार्टियों का खेल बन या बिगड़ सकता है।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम