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सात साल की बेटी ने ऐसे बचाई पिता की जान

औरंगाबाद। सात साल की एक बच्ची पिता की जान बचाने के लिए दो घंटे अस्पताल में हाथ ऊपर करके खड़ी रही। दरअसल, हॉस्पिटल में सलाइन (ड्रिप) स्टैंड नहीं था। इसलिए बेटी को बॉटल पकड़ाकर खड़ा कर दिया गया। मामला औरंगाबाद के घाटी सरकारी हॉस्पिटल का है। इस घटना की तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल हो गई है।

औरंगाबाद के रहने वाले एकनाथ गवली को 5 मई को घाटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और 7 मई को ऑपरेशन किया गया। वार्ड में शिफ्ट किया गया, तो वहां ड्रिप के लिए स्टैंड नहीं था। लिहाजा एकनाथ की 7 साल की बेटी को बॉटल पकड़ा दी गई। विवाद बढ़ने के बाद घाटी हॉस्पिटल मैनेजमेंट की ओर से सफाई आई है।

हॉस्पिटल ने एक बयान जारी कर कहा है कि ऑपरेशन थिएटर से वार्ड में शिफ्ट करने के दौरान मरीज की बेटी ने कुछ देर के लिए बॉटल को पकड़ लिया था। उसी दौरान किसी ने फोटो खींच ली और सोशल मीडिया में वायरल कर दी।

मीडिया में आई रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि मरीज एकनाथ गवली का ऑपरेशन हुआ था। इसके बाद उसे सलाइन लगाई गई थी। मगर, स्टैंड नहीं होने के कारण उसकी सात साल की बेटी को बॉटल पकड़ाकर खड़ा कर दिया गया था। इसके साथ ही डॉक्टरों ने बच्ची को हिदायत दी थी कि बॉटल ऊंची रखना। वह पिता की जान बचाने के लिए दो घंटे तक बॉटल लेकर खड़ी रही।

गौरतलब है कि मराठवाड़ा के इस सबसे बड़े 1200 बेड वाले सरकारी हॉस्पिटल में औरंगाबाद सहित आस-पास के आठ जिलों के मरीज इलाज कराने आते हैं। इनमें अहमदनगर, बुलढाना, जलगांव आदि शामिल हैं। मगर, यहां बुनियादी सुविधाओं की कई चीजों की कमी है।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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