छतरपुर। सटई रोड के समीप ग्राम गौरैया की ओर जाने वाले मार्ग पर पड़ी शासकीय जमीन पर डेढ़ साल पहले सुनियोजित साजिश के तहत प्लॉटिंग कर लोगों को बेच दिया गया था। जिन लोगों ने यहां मकान बना लिए थे उनके मकानों को सरकारी जेसीबी ने तहस-नहस कर दिया। सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक प्रशासन और भारी पुलिस बल के द्वारा 4 जेसीबी मशीनों के माध्यम से लगभग 25 मकानों को जमींदोज कर दिया गया।
पांच घंटे चलीं चार जेसीबी, 25 मकान गिराए
गौरैया रोड की सरकारी जमीन पर बने मकानों से बेदखल किए गए लोग, इन मकानों में रहने वाले लोगों ने घंटों तक प्रशासन के हाथ-पैर जोड़े हाई वोल्टेज ड्रामा किया लेकिन प्रशासन ने रोती बिलखती महिलाओं की आवाज को भी नहीं सुना।
पुलिस के साथ हुई झूमा-झटकी
अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस की टीम को पहले से अंदाजा था कि यहां रह रहे लोग हंगामा कर सकते हैं इसलिए एसडीएम रविंद्र चौकसे, तहसीलदार आलोक वर्मा, सीएसपी राकेश शंखवार की अगुआई में सिविल लाईन टीआई अरविंद कुजूर, ईशानगर थाना प्रभारी अनूप यादव, मातगुवां थाना प्रभारी माधवी अग्रिहोत्री, महिला सबइंस्पेक्टर अंजना पाटिल सहित सबइंस्पेक्टर शुचि गोस्वामी, ओरछा रोड थाना प्रभारी डीके पुष्पकार सहित भारी पुलिस बल पूरी तैयारी से मौके पर पहुंचा था। शुरुआत में लोगों ने न सिर्फ मकानों को गिराने का विरोध किया बल्कि पुलिस कर्मियों के साथ झूमा-झटकी भी की। एक महिला ने माधवी अग्रिहोत्री पर हमला कर दिया जिससे उन्हें खून निकल आया। एक व्यक्ति के द्वारा आत्महत्या करने की कोशिश भी की गई जबकि एक अन्य व्यक्ति शिव ङ्क्षसह यादव ने पुलिस कर्मियों के बीच हाई वोल्टेज ड्रामा किया। काफी देर तक पुलिस इन्हें झेलती रही फिर मीडिया के कैमरों को बंद कराते हुए पुलिस ने भी लोगों पर सख्ती दिखाई। हंगामा कर रहे 6 लोगों को सिविल लाईन थाने भी ले जाया गया आखिरकार लोग रोते बिलखते रहे और मकान तोड़ दिए गए।
जमीन बेची छुट्टे राजा ने, अंजाम भोगा गरीबों ने
यहां रहने वाले लोगों ने बताया कि यह जमीन सरकारी है यह बात उन्हें तब पता लगी जब तहसील से उन्हें नोटिस प्राप्त हुए। ग्राम मुड़ेरी की विधवा महिला ममता जोशी ने बताया कि उन्होंने मजदूरी कर बगौता निवासी छुट्टे राजा से डेढ़ लाख रुपए में प्लॉट खरीदकर यह मकान बनवाया था। उन्हें नहीं पता था कि यह सरकारी जमीन है। छुट्टे राजा ने उन्हें बताया था कि यह पट्टे की जमीन है। जिसका पट्टा सरकार से दिला देगा। इसी तरह एक अन्य महिला अंजना यादव ने भी कहा कि उसने गांव की जमीन बेचकर बच्चों को पढ़ाने के लिए साढ़े 4 लाख रुपए देकर प्लॉट खरीदा था अब उसे बेघर किया जा रहा है। पुलिस और प्रशासन गरीबों के मकानों को तोड़ते तो रहे लेकिन सरकारी जमीन को बेचने वाले ग्राम बगौता निवासी छुट्टे राजा के विरुद्ध कोई कार्यवाही अब तक नहीं हुई है।
इनका कहना
गौरैया रोड पर मौजूद खसरा नंबर 1965, 1966, 1967 एवं 1968 शासकीय भूमि है जिसको प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आबंटित किया जा चुका है। इसीलिए इस जमीन को खाली कराया जा रहा है।
रविंद्र चौकसे, एसडीएम, छतरपुर

