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संस्कारधानी मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियां पड़ी कम, नि:शब्द हुए जिम्मेदार

यशभारत विशेष खबर @ आशीष शुक्ला द्वारा

मुक्तिधाम में लकडिय़ों का टोटा, कैसे हो अंतिम संस्कार
गोकलपुर श्मशानघाट के जिम्मेदार का कहना क्या जवाब दूं, कैसे होगा अंतिम संस्कार

जबलपुर,यशभारत। कोरोना वायरस के कारण शहर के मुक्तिधामों में आसपास के जिलों से लकडिय़ां आती हैं पर अब भी कई मुक्तिधामों में लकडिय़ों का टोटा है । इन्हीं में से एक है गोकलपुर मुक्तिधाम हैं जहां दूर दूर से लोग रांझी ,इंदिरा नगर बस्ती, शोभापूर,व्हीकल, गोकलपुर समेत बड़े क्षेत्र से लोग दिवंगतों को अंतिम संस्कार के लिए लाते हैं। सामान्य दिनों में यहां रोजाना 8 से 10 दाह संस्कार होते हैं। जब से कोरोना संक्रमण काल शुरू हुआ है तब से शवों का आना कुछ कम हुआ है अब रोजाना एक दो शव लाए जाते हैं पर यहां टाल में लकड़ी न होने से लोग दूर दूर से लकड़ी लाने विवश हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक व्हीकल शोभापुर मार्ग पर भड़पुरा स्थित गोकलपुर मुक्तिधाम काफी पुराना है। यहां लकडिय़ों का टोटा बना हुआ है। हैंडपम्प का पानी भी पीने लायक नहीं है। इस मुक्तिधाम में मड़ई, इंदिरानगर, भड़पुरा, उदयनगर-1, गोकलपुर आदि क्षेत्रों से यहां शव अंतिमसंस्कार के लिए लाए जाते हैं। यहां पर लकड़ी का कोई शासकीय ठेका नहीं है। सामने सेठा जी का लकड़ी का टाल है जो कुछ दिनों पहले तक बमुश्किल लकड़ी दे पा रहे थे। पर लॉक डाउन के बढ़ जाने के कारण अब वे भी लकड़ी देने में असमर्थ हैं। इस संबंध में सेठा जी का कहना था कि अभी लॉक डाउन के कारण बाहर से लकडिय़ां नहीं आ रही हैं इस कारण मुक्तिधाम में शवों को जलाने में भी दिक्कत हो रही है। जानकारी के अभाव में लोग मुक्तिधाम में शव को रखकर यहां से करीब 5 से 6 किलोमीटर दूर रांझी और आधारताल इंडस्ट्री एरिया से लकड़ी लेकर आते हैं। गोकलपुर में साहू जी का लकड़ी का ठेका है, यहां पर भी अभी लकडिय़ां नहीं हैं। इसके अलावा आसपास के क्षेत्र में कहीं भी लकडिय़ां नहीं हैं। जहां मिल रही हैं वहां जरुरत से ज्यादा कीमत देनी पड़ रही है। ढाई क्विंटल लकड़ी की कीमत 2 से ढाई हजार होती है परन्तु उन्हें लगभग साढ़े तीन से 4 हजार रुपये चुकानी पड़ रही है। लकड़ी लाने के लिए ऑटो का 500 रुपये अतिरिक्त देना होता है इसके अलावा शव को जलाने के लिए दाह संस्कार करने वाले को पीछे स्थित एक बस्ती से बुलवाना पड़ता है जो 501 रुपये लेता है। इस प्रकार एक शव के अंतिम संस्कार में ही लगभग 5 हजार रुपये का खर्चा आता है।

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