गोरखपुर पुलिस के लिये वाहन चोर मामला बना संवेदनशील
जबलपुर। क्राईम ब्रांच की कार्रवाई के दौरान चार वाहन चोरों को दबोचा गया। शहर में वाहन चोरी की वारदात को थामने और अपराधों पर अंकुश लगाने पुलिस अधीक्षक अमित सिंह के निर्देश पर विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस सक्रिय है। पुलिस ने अपना मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर दिया है जिसका परिणाम अब सामने आने लगा है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार क्राईम ब्रंाच को मुखबिरों से सूचना प्राप्त हुई कि वाहनों को चोरी करके बेचने की फिराक में कुछ युवा शहर में घूम रहे थे जानकारी मिलने पर अधिकारियों ने जाल बिछाया जिसमें पनागर निवासी सौरभ पटेल, अरविंद, मोनू पटेल, रोशन ठाकुर को पकड़ा गया इन चारों की उम्र अठारह वर्ष है जो अपने शौक को पूरा करने के लिये वाहन चोरी को अंजाम दिया करते थे। पुलिस की कड़ी पूछताछ में इन्होनें वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देना कबूला जिनके कब्जे से दस मोटरसाईकिल और एक एक्टिवा को बरामद किया।
विलासिता के चलते बने वाहन चोर
वाहन चोरों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह चोरी की वारदातों को अपने शौक पूरा करने के लिए करते थे युवक मंहगें मोबाईल, और विलासिता के चलते वाहनों की चोरी करने लगे थे , इसके लिए वे शहर में आकर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया करते थे और चोरी के वाहनों को ग्रामीण क्षेत्रों में बेच दिया करते थे ।
सबसे ज्यादा की चोरी की वारदातें गोरखपुर क्षेत्र में
थाना क्षेत्रों की निष्क्रियता से चोरी की वारदातें बढ़ रही हैं। ऐसा लगता है कि गोरखपुर थानाक्षेत्र चोरों के लिए सबसे सुरक्षित जगह हो गया है। इसे गोरखपुर पुलिस की निष्क्रियता कही जाएगी जिसके चलते गोरखपुर में लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम देने के बाद भी पुलिस चोरों तक पहुंचने में नाकाम रहती है जिसकी तस्दीक क्राईम ब्रांच की ये कार्रवाई भी करती नजर आ रही है थानाक्षेत्रा में लगातार चोरी की बढ़ती वारदातों को लेकर क्षेत्रवासी कार्रवाई करने की मांग करते आ रहे है लेकिन गोरखपुर पुलिस के कानों में जूं तक नही रेंगती। साथ ही क्र ाईम ब्रंाच का ऑफिस थाना क्षेत्र में होने से कार्रवाई का जिम्मा क्राईम ब्रांच के भरोसे देकर थाना प्रभारी निश्चिंत है।
. पुलिस की सक्रियता का ही परिणाम है कि चोरी की वारदातों पर अब शिकंजा कसा जा रहा है जिसके चलते क्राइम ब्रांच ने 6 लाख के वाहनों को जब्त किया है और आने वाले समय में इस प्रकार की और भी कई घटनाओं का खुलासा होने की संभावना है। हमारे द्वारा इस प्रकार के असामाजिक तत्वों पर सतत् रूप से नजर रखी जा रही है। अमित सिंह पुलिस अधीक्षक
