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विजयनाथ धाम में महाकुम्भ,ऐसा है मेले का अदभुत विराट व एेतिहासिक दृश्य

कटनी। जिले का ऐतिहासिक व विशाल मेला बाबा विजयनाथधाम बरही के प्रांगण में बसंत पंचमी से अनवरत जारी हैए जो महाशिवरात्रि तक भरेगा। हर दिन हजारो की संख्या में परिवार के साथ मेले का लुफ्त उठाने व खरीददारी करने पहुँच रहे है। लगातार 1 माह तक भरने वाले इस विराट मेले में मनोरंजन की सामग्री के साथ.साथ जरूरत की हर वस्तुएँ उपलब्ध रहती है। यह कहना अतिश्योक्ति नही होगा कि 1 माह के लिए एक नया बरही नगर इस मेले में महाकुम्भ के रूप में बसता हैए जहाँ क्षेत्र के साथ अन्य जिलों के लोग भी पहुँचते है।
आजादी के पूर्व से भर रहा बरही का मेला
बरही मेले का इतिहास काफी पुराना व रोचक है। वर्ष 1934 का एक वाक्या है। यहां पदस्थ एक थानेदार को दिव्य स्वप्न हुआ कि भोलेनाथ पहाड़ी में दबे हुए है। कई दिनों तक पहाड़ी की खुदाई हुईए जिसमे विशाल शिवलिंग के दर्शन हुए। स्वम्भू भोलेनाथ की स्थापना की गई और भगवान विजयनाथ की स्थापना के साथ ही बसंत पंचमी से मेले का शुभारंभ हुआए जो अनवरत जारी है। मेले की भव्यता व दिव्यता इन दिनों देखते ही बनती है।
भगवान विजयनाथ की बरसती है कृपा
मेले में भगवान विजयनाथ की कृपा बरसती है। करोड़ो रुपए का व्यापार होता है। दूर.दूर से व्यापारी अपनी दुकानें सजाने पहुचते है और सभी मालामाल होकर खुशी.खुशी घर लौटते है। सुविधाए जुटाने का कार्य नगर परिषद करती हैए जिसे साढ़े 3 लाख तक कि आमदनी मेला कर के रूप में प्राप्त होती है।
मीना बाजार आकर्षण का केंद्र
ऐतिहासिक बरही मेले में मीना बाजार, बड़े-बड़े हवाई झूले, ब्रेक डांस, नाव झूला, जादूगर की कला आकर्षण का मुख्य केंद्र बिंदु है। वही बर्तन, सराफ, कपड़ा, खिलौने, गाय-बैल बाजार, पेटी, पलंग सहित अन्य घरेलू उपयोग आने वाली जरूरत की हर सामग्रियों की दुकानें सजती है।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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