इंदौर। अधिकांश लोगों को पशुओं का साथ अच्छा लगता है। कुछ तो उन्हें बिस्तर में सुलाने, हाथ से खाना खिलाने और किस करने से भी नहीं कतराते।
मगर वे इससे अनजान हैं कि अगर पशुओं की पर्याप्त केयर नहीं की और उनसे दूरी नहीं बनाई तो खतरनाक बीमारियों के शिकार हो सकते हैं। जानवर और इंसान के बीच होने वाली इन बीमारियों को जूनोटिक डिसीस कहा जाता है, जो हवा, पानी, भोजन किसी भी माध्यम से हो सकती है।
जानवरों के खून, लार और टिशूज से कई बीमारियां मनुष्यों में पहुंचती हैं। स्टडी के अनुसार 10 संक्रामक बीमारियों में से 6 जानवरों से मनुष्य में फैलती हैं। एंथ्रेक्स, बर्ड फ्लू, रेबीज जैसी बीमारियां जानलेवा साबित हो सकती हैं।
6 जुलाई को हर साल ‘वर्ल्ड जूनोसिस डे” मनाया जाता है। इस दिन लोगों को इन बीमारियों के बारे में जागरूक किया जाता है। उन्हें बताया जाता है कि वे पेट्स रखते समय स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी बातों को नजरअंदाज न करें। शहर में भी इस तरह की कई बीमारियों के केस हर दिन पशु चिकित्सकों के पास आ रहे हैं।
केट को गोदी में बिठाने से खतरा
डॉ.नरेंद्र चौहान के अनुसार शहर में सबसे ज्यादा लोग डॉग्स और केट्स रखते हैं। अधिकांश डॉग रखने वाले तो उनका वैक्सीनेशन करा लेते हैें। लेकिन केट लवर्स कई बातों को नजरअंदाज कर देते हैं, वे ये नहीं जानते कि केट को गोदी में बिठाना कितना खतरनाक हो सकता है। उसके संपर्क में आने पर टॉक्सोप्लाज्मा जैसी खतरनाक बीमारी हो सकती है, जो दिमाग पर असर करती है। यह आपकी त्वरित निर्णय लेने की क्षमता समाप्त कर देती है।
प्रेगनेंट महिला को तो खास सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि ये पेरासाइट प्लेसेंटा के माध्यम से गर्भस्थ शिशु में भी जा सकते हैं। डॉ. चौहान के अनुसार शहर में रेबीज के भी कुछ केस आए हैं। यह एक खतरनाक बीमारी है, जिसमें व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है। डॉग के काटने के तुरंत बाद पांच मिनट तक नल खोलकर साबुन से धोएं। साबुन का कास्टिक सोडा रेबीज के वायरस को खत्म करता है।
सड़ा-गला मांस खाने से साल्मोनोसिस
पशु चिकित्सक डॉ. राजकुमार जैन अगर किसी गाय को ब्रुसेलॉसिस है और हम उसका कच्चा दूध पी लेते हैं तो ब्रुसेला बैक्टीरिया मनुष्य में पहुंच जाता है। इसके अलावा ट्यूबरकुलोसिस से पीड़ित गाय का दूध निकालने वाले को टीबी होने की आशंका रहती है। सड़ा-गला मांस खाने से साल्मोनोसिस जैसी खतरनाक बीमारी हो सकती है। इसके अलावा अन्य बीमारियां जो पशुओं से मनुष्य में हो सकती हैं, उनमें प्रमुख स्केबीज है, जिसमें कुत्ते की खुजली मनुष्य में हो जाती है। इसके अलावा रिंगवार्म, लेप्टोस्पाइरोसिस, जिआर्डिया जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
-पेट्स को छूने के बाद हमेशा साबुन से हाथ धोएं।
-समय-समय पर वैक्सीनेशन का ध्यान रखें।
-पशुओं को पेट के कीड़े मारने की दवा देते रहें।
- पेट्स को बिस्तर के संपर्क में न आने दें।
