राष्ट्रीय
लॉकडाउन में दी जाने वाली सैलरी CSR के दायरे में नहीं, कॉरपोरेट मंत्रालय ने स्पष्ट किया

अपने प्रॉफिट का 2 फीसदी हिस्सा कॉरपोरेट सोशल रिस्पन्सिबिलिटी (CSR) के तौर पर खर्च करना होता है. हालांकि, अगर कोई कंपनी अपने कर्मचारियों को कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के इस दौर में अनुग्रह के तौर कोई पेमेंट करती है तो यह खर्च CSR के दायरे में आयेगा.
कॉरपोरेट मंत्रालय ने जारी किया स्पष्टीकरण
कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (Ministry of Corporate Affairs) ने बीते शुक्रवार को इस बारे में स्पष्टीकरण जारी किया है. मंत्रालय ने कहा कि कर्मचारियों को सामान्य तौर पर दी जाने वाली रकम को CSR के तौर पर नहीं माना जायेगा. इसी प्रकार अगर कोई कंपनी लॉकडाउन में भी अपने कर्मचारियों को पेमेंट कर रही है तो इसे भी सामान्य परिस्थिति माना जायेगा.







