लाइसेंस का रिन्युअल नहीं तो पेनाल्टी, नहीं लिया तो कुछ नहीं

भोपाल ।  खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम भले ही लागू हुए भले ही 7 साल होने के आए हैं। लेकिन इसकी पैचीदगियों से व्यापारी परेशान हैं। ऐसे व्यापारी जिन्होंने लाइसेंस ले लिया और 11 महीने बाद नवीनीकरण का आवेदन नहीं दिया तो उन्हें 100 रुपए प्रतिदिन के मान से पेनाल्टी चुकाना पड़ रही है। वहीं जिन्होंने लाइसेंस अब तक नहीं लिया वे मजे में हैं।

अधिनियम 2011 से प्रभावशील हुआ है। ऐसे व्यापारी जो खाने-पीने की सामग्री का कारोबार करते हैं उन्हें खाद्य सुरक्षा विभाग से लाइसेंस लेना जरूरी है। उन्हें खाद्य सुरक्षा विभाग को आवेदन देना होता है। इसके बाद लाइसेंस जारी किया जाता है। 11 महीने में व्यापारी को नवीनीकरण का आवेदन नहीं देते हैं तो उन्हें 100 रुपए रोज के मान पेनाल्टी चुकाना होता है। व्यापारी को इसकी जानकारी नहीं रहती और वे एक साल बाद नवीनीकरण कराते हैं तो पेनाल्टी ली जाती है। अब तक कई व्यापारी पेनाल्टी भर चुके हैं।

अधिनियम के प्रावधान

इन्होंने चुकाई पैनल्टी

यह भी है परेशानी

30 दिन में लाइसेंस का नवीनीकरण होना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर लाइसेंस निरस्त हो सकता है। कंप्यूटरीकृत प्रोग्राम से ऐसा हो नहीं रहा है। लाइसेंस 12 महीने के लिए जारी किया रहा है, लेकिन नवीनीकरण 11 महीने बाद कराना जरूरी है ऐसा नहीं होने पर 100 रुपए प्रतिदिन के मान से पेनाल्टी लगती है।

इनका कहना है

खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 1 साल का लाइसेंस दिया जाता है। लाइसेंस का नवीनीकरण 11 महीने में किया जाता है। समय निकलने पर 100 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से पेनाल्टी लगती है – लोकेन्द्र सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी भिंड

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